कोर्ट ने उस पर स्टे दिया था। हाई कोर्ट ने 3 मई को उस प्रकरण पर निर्णय देते हुए पीथमपुर के मास्टर प्लान को राज्य शासन द्वारा जारी करने के मंजूरी दी। उस जमीन के मामले में न्यायालय का जो निर्णय होगा, उसे लागू कर दिया जाएगा।
विकास lराज्य शासन ने गजट नोटिफिकेशन किया जारी
इंदौर तहसील में नरलाय, मोकलाय, डेहरी के साथ महू तहसील के भैंसलाय, सोनवाय, पिपल्या मल्हार, कवटी, गोपालपुरा आदि गांवों की जमीन पूरी शामिल की गई है। टीही, भाटखेड़ी और बंजारी की आंशिक जमीन ली गई। देपालपुर तहसील में ओसरोद, ताजखेड़ी, झलारिया, मोथला, पीर पीपल्या, चीराखान, सेजवानी, बगोदा, माचल, गलोंडा, धरावरा की जमीन पूरी शामिल है।
बंदीपुरा, बेटमाखुर्द, भंवरगढ़, बीजेपुर, सलमपुर, रणमल बिल्लौद, धन्नड़, सांगवी, घाटा बिल्लौद, मेथवाड़ा, करवासा और किशनपुरा में एमपीआइडीसी की जमीन को छोड़कर आंशिक जमीन शामिल हैं। गवला, भोंडिया, जामोदी, आगराखेड़ी, सिलोटिया, पीथमपुर (नगर पालिक क्षेत्र में शामिल) की जमीन ली गई है। अकोलिया, बरदरी, खेड़ा, सागोर, बगदून, मंडलावदा की भी आंशिक जमीन और बेटमाखास नगर पंचायत क्षेत्र भी शामिल किया गया है।
पीथमपुर का घोषित मास्टर प्लान
आवासीय उपयोग: 5500
मिश्रित उपयोग: 1820
वाणिज्यिक उपयोग: 1124
औद्योगिक उपयोग: 4322 ईएसपी: 406 आमोद-प्रमोद: 2610 यातायात और परिवहन: 2353
सार्वजनिक उपयोग और अन्य सुविधाओं के लिए: 13.5
मास्टर प्लान में शामिल धार जिले के गांव
लेबड़, सेजवाया, टेहरी, पिपल्दा, बलसाड़ा खुर्द, एकलदना, दिग्ठान, गुणावद, मिर्जापुरा, नाजिक बड़ौदा, निजामपुरा, कुमार कराड़िया गांवों की लगभग पूरी जमीन ली गई है, जबकि उमरिया, बगोदा, बक्साना, कल्याणसीखेड़ी, बिचौली, खंडवा, माधवपुर का आंशिक क्षेत्र एमपीआइडीसी एरिया को छोड़कर लिया गया है।