
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लक्ष्मीबाई प्रतिमा से नेमिनाथ चौराहा तक दो हिस्से में बन रही मास्टर प्लान की सड़क नागरिकों के लिए एक अबूझ पहेली बनकर रह गई है। काम शुरू हुए पांच माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से शुरू नहीं हो सकी है।
खास बात यह है कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल कई बार इस सड़क का दौरा कर चुके हैं। हर बार दौरे के बाद उन्होंने ठेकेदार एजेंसी को काम में तेजी लाने की हिदायत दी। वाहनों की आवाजाही शुरू करने के लिए तारीख भी तय कर दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
हालत यह है कि सड़क के अधूरे रहने से हजारों नागरिक परेशान हो रहे हैं। उन्हें सुभाष मार्ग से मल्हारगंज तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। महापौर ने इस सड़क पर 15 अगस्त तक वाहनों की आवाजाही शुरू करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। निगमायुक्त ने कहा था कि 31 अक्टूबर तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी, लेकिन यह दावा भी हवा-हवाई निकला।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या वजह है कि निगमायुक्त और महापौर द्वारा ठेकेदार एजेंसी को बार-बार हिदायत देने के बावजूद काम समय पर पूरा नहीं हो रहा। सवाल यह भी है कि आखिर निगमायुक्त और महापौर की बात पर एजेंसी कान क्यों नहीं दे रही।
नगर निगम ने मई 2026 में जिंसी क्षेत्र में चौड़ीकरण में बाधक निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई की थी। 100 से ज्यादा बाधक निर्माण हटाए थे। यह सड़क दो हिस्से में बनाई जा रही है। पहला हिस्सा नेमीनाथ चौराहा से जिंसी चौराहा तक और दूसरा हिस्सा जिंसी चौराहा से लक्ष्मीबाई प्रतिमा तक बनना है। इस सड़क में दशकों पुराने पुल का जीर्णोद्धार और चौड़ीकरण भी होना है। इस पूरे काम पर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। मई में तोड़फोड़ के बाद कहा गया था कि दो माह में सड़क आवागमन के लिए उपलब्ध करवा दी जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मल्हारगंज आवासीय और व्यावसायिक यानी मिश्रित उपयोग वाला क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में थोक किराना दुकानें हैं। एयरपोर्ट क्षेत्र के दर्जनों गांवों के व्यापारियों का रोजाना मल्हारगंज आना-जाना लगा रहता है। सड़क का काम पूरा नहीं होने से ये सभी परेशान हैं। सड़क निर्माणाधीन होने से इस सड़क पर जिन व्यापारियों की दुकानें हैं उनका व्यापार भी पिछले पांच माह से प्रभावित हो रहा है।
यह भी पढ़ें- एमपी में प्रमोशन मिला पर पोस्टिंग नहीं, रिटायरमेंट के करीब पहुंचे कई शिक्षक, प्रिंसिपल के पद खाली
जिंसी चौराहा से लक्ष्मीबाई प्रतिमा: लंबाई 330 मीटर, चौड़ाई 60 फीट, लागत 7.37 करोड़ रुपये
नेमीनाथ चौराहा से जिंसी चौराहा: लंबाई 340 मीटर, चौड़ाई 60 फीट, लागत 3.46 करोड़ रुपये
इस सड़क पर जल्द ही आवागमन पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। हमने ठेकेदार एजेंसी से कहा है कि वह काम में तेजी लाए। काम की सतत निगरानी भी कर रहे हैं। - पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर