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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Metro In Indore: विद्युत प्रवाह मिलते ही आगे बढ़ा कोच और मेट्रो का पहली बार बजा ‘बिगुल’

Metro In Indore: कोच के करंट कलेक्टर डिवाइस व व्हील की हुई चेकिंग। प्रत्येक मेट्रो कोच में लगे आठ-आठ स्लाइडिंग डोर की भी जांच की गई।

By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Thu, 07 Sep 2023 08:26:45 AM (IST)Updated Date: Thu, 07 Sep 2023 10:18:59 AM (IST)
Metro In Indore: विद्युत प्रवाह मिलते ही आगे बढ़ा कोच और मेट्रो का पहली बार बजा ‘बिगुल’
डिपो में मौजूद मेट्रो कोच की जांच का काम जारी है।

Metro In Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। गांधी नगर डिपो के स्टेब्लिंग यार्ड में खड़े मेट्रो के तीनों कोचों को जोड़ने के बाद उसके तारों को जोड़ा जा चुका है। एलस्टाम कंपनी के तकनीक विशेषज्ञ व इंजीनियर मेट्रो के एसी, लाइटिंग को चेक कर रहे हैं। बुधवार को कोच के निचले हिस्से में लगे अंडर फ्रेम उपकरणों की जांच हुई। इसके अलावा मेट्रो के पहिए को चलाकर उसके ब्रेक्रिंग सिस्टम व साउंड सिस्टम की भी जांच की गई।

कोच को जैसे ही बिजली मिली और वह थोड़ा आगे बढ़ा तो उसके साउंड सिस्टम से आवाज भी आई। इसके अलावा कोच में पहियों के पास लगे जिस करंट कलेक्टर डिवाइस से मेट्रो को थर्ड रेल से विद्युत मिलना है, उसकी भी जांच की गई। प्रत्येक मेट्रो कोच में लगे आठ-आठ स्लाइडिंग डोर की भी जांच की गई।


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ट्रैक अलायमेंट गेज चेकिंग मशीन।

ट्रैक चेकिंग मशीन से पटरियों की दूरी मापी

मेट्रो डिपो व वायडक्ट पर पिछले दो दिनों से ट्रैक अलायमेंट गेज चेकिंग मशीन के माध्यम से जिस पटरी पर ट्रेन चलना है उसकी जांच की जा रही है। इसके माध्यम से देखा जा रहा है कि पटरी कहीं ऊंची या नीची तो नहीं है। इसके अलावा दोनों पटरियों के बीच में दूरी तो ज्यादा नहीं है। जांच के दौरान जहां-जहां खामी मिल रही है, उसका सुधार किया जा रहा है।

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‘स्ट्रक्चर गेज’ को गांधी नगर स्टेशन के प्लेटफार्म व डिपो पर ले जाकर की गई जांच।

‘स्ट्रक्चर गेज’ को प्लेटफार्म पर ले जाकर पटरियों की हुई जांच

कोच को प्लेटफार्म की पटरियों पर ले जाने के पहले स्ट्रक्चर गेज से पटरियों की जांच की गई। स्ट्रक्चर गेज को बुधवार को गांधी नगर स्टेशन के अलावा डिपो में ले जाकर पटरियों पर घुमाया गया। इसके अलावा वायडक्ट पर चलाया गया। कुछ स्थानों पर स्टेयर गेज के पाइप वायडक्ट पर प्लेटफार्म पर सिविल कार्य वाले हिस्सों को छू रहे थे। ऐसे में उन स्थानों पर सुधार किया गया है। इसके अलावा थर्ड रेल जिससे मेट्रो को बिजली मिलना है। उसके कुछ हिस्सों पर कवर नहीं लगा था जिससे सही वैल्यू का आंकलन नहीं हो रहा था। ऐसे में थर्ड रेल के उन हिस्से पर कवर लगाकर सुधार किया गया।

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कोच के करंट कलेक्टर डिवाइस व व्हील की हुई चेकिंग।

डिपो में विद्युत डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स को तारों से जोड़ा

मेट्रो डिपो परिसर में बुधवार को थर्ड रेल की पटरियों को जिन डिस्ट्रीब्यूशन बाक्स से बिजली मिलना है। उस बाक्स को विद्युत केबल से जोड़ा गया। डिपो परिसर में जहां थर्ड रेल जमीन पर बिछी है। उसके आसपास ग्रीन नेट लगाई गई है, ताकि जब थर्ड रेल में विद्युत प्रवाह हो तो वहां किसी तरह की दुर्घटना न हो।