
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए तीन हजार स्वच्छताकर्मियों की नियुक्ति करेगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के परिपालन में 1800 से अधिक कर्मचारियों को विनियमित किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों की वरिष्ठता एवं वरीयता को ध्यान में रखते हुए अन्य पात्र कर्मचारियों का भी विनियमन किया जाएगा।
ये निर्णय सोमवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में लिए गए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, राजेश उदावत, नंदकिशोर पहाड़िया, अभिषेक शर्मा, जीतू यादव, प्रिया डांगी, मनीष शर्मा 'मामा' और सभी अपर आयुक्त उपस्थित थे।
बैठक में जल नीति के माध्यम से बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने, भूजल स्तर में सुधार लाने, गंदे पानी के उपचार एवं पुनरुपयोग को बढ़ावा देने, जल प्रदूषण रोकने तथा झीलों, तालाबों एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण करने पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया गया।
शहर में प्रत्येक घर तक पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पर्याप्त टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 300 लीटर क्षमता के 11 नए ईवी ट्रक टैंकर तथा 8 हजार लीटर क्षमता के 22 नवीन सीएनजी ट्रक टैंकर क्रय किए जाएंगे। इसके साथ ही संभावित जल संकट को देखते हुए शहर में 300 नए बोरिंग कराने और 100 बोरिंग पर मोटर पंप लगवाने तथा आवश्यकतानुसार अधिक हेड वाले मोटर पंप लगाने के कार्य को स्वीकृति दी गई।
किराए पर चलने वाले पानी के टैंकर संचालकों को सात दिन में लीकेज की समस्या का समाधान करना होगा; ऐसा नहीं करने वालों के विरुद्ध पेनल्टी लगाई जाएगी। वहीं, 12 नवंबर से 21 दिवसीय अवैध से वैध नल कनेक्शन अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में अब नए यूनिपोल नहीं लगाए जाएंगे। यातायात व्यवस्था एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 140 नवीन गेंट्री के निर्माण का निर्णय लिया गया। मार्केट विभाग गाइडलाइन के अनुसार निगम की गेंट्री का संचालन करेगा तथा विज्ञापन प्रसारण के लिए निर्धारित शुल्क लेकर विज्ञापन प्रदर्शित किए जाएंगे।
सरवटे बस स्टैंड से जूनी इंदौर ब्रिज, चंद्रभागा होते हुए मच्छी बाजार चौराहे तक शेष सड़क के विकास कार्य के लिए दोबारा निविदा जारी की जाएगी। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड से एमआर-5 को जोड़ने वाली लिंक रोड का विकास तथा एमआर-5 पर टाटा स्टील चौराहे से छोटा बांगड़दा गांव तक सड़क निर्माण किया जाएगा।
केसरबाग फ्लाईओवर के नीचे स्थित भूमि पर पीपीपी मॉडल के अंतर्गत 'स्मार्ट हब मल्टी स्पोर्ट्स एवं रिक्रिएशनल फैसिलिटी' विकसित की जाएगी। इसके साथ ही मुक्तिधाम और कब्रिस्तानों के व्यवस्थित संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
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