
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ली गई जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद एक विवादित घटना सामने आई। बैठक से बाहर निकलते समय कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मीडिया के एक सवाल पर आपा खो बैठे और अपशब्द कह दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद देर रात विजयवर्गीय ने सार्वजनिक रूप से खेद जताया।
घटना बुधवार रात की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के पीड़ितों से विभिन्न अस्पतालों में मुलाकात करने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। यहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों, नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थिति को लेकर बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने निगम अधिकारियों पर व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही विजयवर्गीय बाहर आए, एक मीडियाकर्मी ने उनसे सवाल किया कि भागीरथपुरा के पीड़ितों द्वारा निजी अस्पतालों में जमा कराई गई राशि अब तक वापस नहीं की गई है, जबकि इसकी घोषणा की गई थी। साथ ही क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है।
इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से मौतों की संख्या 8 से बढ़कर 10 हो गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीज़ी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है।
और इस जहरीले पानी की ज़िम्मेदारी पर सवाल किया जाए तो मंत्री जी पत्रकार पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।@drmohanyadav51 जी यह क्या… pic.twitter.com/xKapNXEeac
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) December 31, 2025
सवाल सुनते ही विजयवर्गीय भड़क गए और मीडियाकर्मी से कहा कि फोकट के प्रश्न मत पूछो। मीडियाकर्मी के यह कहने पर कि वह स्वयं क्षेत्र से होकर आया है, विजयवर्गीय ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और वहां से आगे बढ़ गए। इस दौरान पार्षद कमल वाघेला उनके समर्थन में सामने आए और मीडियाकर्मी से तीखे संवाद करने लगे।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देर रात कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर खेद प्रकट किया। उन्होंने लिखा कि वह और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार हालात सुधारने में लगी हुई है। दूषित पानी से लोग पीड़ित हैं और कुछ लोगों की मृत्यु भी हुई है। गहरे दुख की स्थिति में मीडिया के एक सवाल पर उनके शब्द गलत निकल गए, जिसके लिए उन्होंने खेद जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ।
लेकिन जब…
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) December 31, 2025