
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। चुनाव के दौरान एक-दूसरे पर आरोप लगाने वाले सुदर्शन गुप्ता और संजय शुक्ला रविवार को एक-दूसरे से मिले। गुप्ता ने हार पहनाया तो शुक्ला ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गुप्ता ने कहा कि चुनाव खत्म हो गए, अब दलगत राजनीति से उठकर काम करना। उन्होंने कहा कि संजय के पिता विष्णु शुक्ला ने मेरे पिता के दोस्त थे। मैंने भी उनके साथ संगठन में काम किया है। वे मेरे पिता तुल्य हैं, उनसे मिलकर गलतफहमी दूर करूंगा।
सुबह अपने तीन समर्थकों के साथ विधायक शुक्ला महेश नगर स्थित गुप्ता के निवास पर पहुंचे। गुप्ता ने उन्हें गले लगाया और हार पहनाया। बेटा मिठाई लेकर आया तो गुप्ता ने संजय को मुंह मीठा कराया। फिर बोले- क्षेत्र में बहुत काम बचे हैं। समस्याएं भी ज्यादा हैं, क्षेत्र का ध्यान देना। शुक्ला ने कहा कि आपकी मदद मिलेगी मुझे। फिर गुप्ता ने ही चुनावी बात छेड़ी और कहा कि चुनाव तक ही आरोप-प्रत्यारोप सीमित रखे थे। विष्णु भैया से जाकर भी मुझे मिलना है। उन्होंने संजय से कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का भी ध्यान रखना। करीब 20 मिनट की मुलाकात के बाद शुक्ला रवाना हो गए।
मैं पहली बार विधायक बना हूं
मैं क्षेत्र में पहली बार विधायक बना हूं। गुप्ता को 10 साल का अनुभव है। उन्होंने भी जनता के खूब काम किए हैं। मैं यही पूछने आया था कि कौन से कामों की फाइलें अटकी हैं और अधूरे काम क्या हैं। -संजय शुक्ला, विधायक
पूरी मदद करूंगा
मैंने संजय से कहा कि क्षेत्र के विकास में जो भी मदद लगेगी, हम करेंगे। क्षेत्र के भाजपा पार्षद भी पूरी मदद करेंगे। क्षेत्र में काम की काफी गुंजाइश है। -सुदर्शन गुप्ता, पूर्व विधायक