MP News: अनुमति से 30 प्रतिशत अधिक आवास निर्माण को वैध करने की तैयारी, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय लगाएंगे अंतिम मुहर
Minister Kailash Vijayvargiya मध्य प्रदेश में आवास निर्माण को वैध करने की तैयारी है। 10 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को समझौता कर शुल्क लेकर वैध किया जा सक ...और पढ़ें
By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Wed, 03 Jan 2024 08:13:09 PM (IST)Updated Date: Wed, 03 Jan 2024 08:36:42 PM (IST)
अनुमति से 30 प्रतिशत अधिक आवास निर्माण को वैध करने की तैयारीHighLights
- अनुमति से 30 प्रतिशत अधिक आवास निर्माण को वैध करने की तैयारी
- मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने भवन अनुज्ञा और कंपाउंडिंग के नियम
- प्रक्रिया को सरल बनाने के दिए हैं निर्देश
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर अनुमति से अधिक आवास निर्माण को वैध करने की तैयारी है। अभी 10 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को समझौता कर शुल्क लेकर वैध किया जा सकता है। पूर्व में यह सीमा 30 प्रतिशत थी, जिसे फिर बढ़ाकर कुछ समय के लिए 30 प्रतिशत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के निर्देश पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इसको लेकर तैयारी की जा रही है। विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कार्यभार ग्रहण करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
नियमों में संशोधन
शिवराज सरकार ने नियमों में संशोधन करके अनुमति से 30 प्रतिशत तक अधिक आवास निर्माण को वैध करने की व्यवस्था लागू की थी। इसे बाद में संशोधन करके फिर दस प्रतिशत कर दिया गया। इस सीमा को फिर 30 प्रतिशत किए जाने को लेकर तत्कालीन विभागीय मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नोटशीट भी भेजी थी लेकिन तब इस पर निर्णय नहीं हो पाया। पिछले माह जब मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा की थी, तब उन्होंने भवन अनुज्ञा और कंपाउंडिंग के नियम-प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए थे।
आवास निर्माण को वैध करने की व्यवस्था
सूत्रों का कहना है कि बैठक में वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया था कि जब अनुमति के बिना 30 प्रतिशत से अधिक आवास निर्माण को वैध करने की व्यवस्था की गई थी, तब नगरीय निकायों को करोड़ों रुपये की आय हुई थी और लोगों को राहत भी मिली थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने नियम को सरल बनाने के निर्देश दिए थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हमारी तैयारी है। विभागीय मंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के बाद सभी नीतिगत विषयों पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।