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MP में 65 अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर, प्रदेश के चार महानगरों के इन हॉस्पिटलों में अब नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत नियमों का पालन नहीं करने वाले 65 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।

By Udaypratap SinghEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 09:07:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 09:27:50 PM (IST)
MP में 65 अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर, प्रदेश के चार महानगरों के इन हॉस्पिटलों में अब नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज
इंदौर के नामी अस्पताल आयुष्मान लिस्ट से हटे, चोइथराम नेत्रालय-मोहक समेत 17 पर कार्रवाई (AI Generated image)

HighLights

  1. NABH मान्यता एक्सपायर होने पर लिया एक्शन
  2. इंदौर में अब 74 अस्पतालों में ही इलाज संभव
  3. 8 अक्टूबर को राज्य कमेटी की बैठक में फैसला

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्यप्रदेश में नियमों का पालन नहीं करने वाले 65 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। इसमें इंदौर के 17 अस्पताल शामिल हैं। आठ अक्टूबर को दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

NABH मान्यता नहीं होने पर की गई कार्रवाई

इन अस्पतालों पर एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) मान्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं करने पर एक्शन लिया गया है। इनमें से कुछ अस्पतालों के पास एनएबीएच की मान्यता प्रवेश स्तर की थी, जो एक्सपायर हो गई थी, वहीं कुछ ने एनएबीएच मान्यता ली ही नहीं थी।


इंदौर में अब 74 अस्पतालों में ही मिलेगा आयुष्मान का लाभ

गौरतलब है कि इंदौर में कुल 91 अस्पताल आयुष्मान योजना से संबद्ध थे। इनमें से 17 अस्पतालों को एनएबीएच न होने से बाहर किया गया है। ऐसे में अब शहर में 74 अस्पतालों के पास ही आयुष्मान योजना के तहत उपचार करने की मान्यता बची है।

इन 17 अस्पतालों को किया गया बाहर

एनएबीएच एक्रीडिएशन का पालन न करने पर चोइथराम नेत्रालय, पीएटी अस्पताल, लक्ष्मी मेमोरियल, दृश्य अस्पताल, मेकरेटिना, गुरुजी सेवा न्यास, एमएस एनर्जी, बांठिया, एमएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, वर्मा यूनियन हॉस्पिटल प्रा. लि., खंडेलवाल, मोहक हाईटेक स्पेशियलिटी, गीता भवन, सेवाकुंज, मेडिस्टा, आर्थोस क्लिनिक और मेवाड़ा अस्पताल को लिस्ट से हटाया गया है।

भोपाल में आयुष्मान भारत निरामयम मप्र की उच्च स्तरीय बैठक के बाद सीईओ अरविंद शाह ने सख्त फैसला लेते हुए जबलपुर सहित प्रदेश के चार महानगरों भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के 65 निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर करने का अल्टीमेटम दे दिया है। इसमें अकेले जबलपुर के करीब 07 निजी अस्पताल शामिल हैं। विभाग ने 1 अक्टूबर से लागू नए नियम के तहत एनएबीएच (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल्स) एंट्री लेवल सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया था।

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जबलपुर के सात निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर

-नेशनल अस्पताल

-पीजी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल

-मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरेटेबिल ट्रस्ट अस्पताल

-समर्थ श्री मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल

-सिटी हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर

-गोलछा अस्पताल

-जेके हास्पिटल