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महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में एमपी आगे, 50% आरक्षण पर 52.84% महिलाएं चला रही हैं ग्रामीण सरकार

मध्य प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, इसके विपरीत 52.84 प्रतिशत महिलाएं पंचायत राज संस्थाओं में ग्रामीण सर...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 06:08:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 06:08:43 PM (IST)
महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने में एमपी आगे, 50% आरक्षण पर 52.84% महिलाएं चला रही हैं ग्रामीण सरकार
आरक्षण से आगे निकलीं एमपी की बेटियां।

HighLights

  1. आरक्षण से आगे निकलीं एमपी की बेटियां
  2. महिलाओं की हिस्सेदारी पहुंची 57% के पार
  3. पंचायत में महिलाओं ने बनाया नया रिकॉर्ड

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, इसके विपरीत 52.84 प्रतिशत महिलाएं पंचायत राज संस्थाओं में ग्रामीण सरकार का नेतृत्व कर रही हैं। इनमें पंच, सरपंच, जनपद पंचायत की सदस्य, अध्यक्ष और जिला पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य शामिल हैं।

अभी 2,09,041 महिलाएं ग्रामीण विकास की बागडोर मजबूती से संभाल रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से इन महिलाओं में नई उम्मीद जागी है।

आरक्षण की सीमा लांघकर बनाई नई पहचान

मध्य प्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जिसने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया। आज राज्य के कुल निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में से लगभग 52.84 प्रतिशत महिलाएं हैं। राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में कुल 3,95,552 निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में से महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 2,09,041 है।


मध्य प्रदेश ने पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया है। यह देश के उन 21 राज्यों में से एक है जिन्होंने संवैधानिक रूप से अनिवार्य 33 प्रतिशत से अधिक आरक्षण प्रदान किया है।

जनपद से लेकर जिला पंचायत तक महिला नेतृत्व

राज्य की 313 जनपद पंचायतों में 179 में महिलाओं का नेतृत्व है। 52 जिला पंचायतों में भी आधे में महिला जिलाध्यक्ष हैं। प्रदेश में जारी नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा इन जनप्रतिनिधियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे रहा है। जिला पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत की गलियों तक, महिला नेतृत्व शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है। कभी घूंघट की ओट में रहने वाली बेटियां आज पंचायतों में विकास का एजेंडा तय कर रही हैं, जिससे ग्रामीण लोकतंत्र अधिक समावेशी और सशक्त हुआ है।

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पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री का बयान

मध्य प्रदेश के पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं का आगे रहना हमारे लिए गर्व की बात है।

मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत में जनप्रतिनिधियों का विवरण

त्रिस्तरीय पंचायत कुल निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि महिलाओं का प्रतिशत
ग्राम पंचायत: सरपंच 23,011 11,683 50.77%
ग्राम पंचायत: पंच 3,64,895 1,93,284 52.96%
जनपद पंचायत: अध्यक्ष 313 179 57.18%
जनपद पंचायत: सदस्य 6,458 3,425 53.03%
जिला पंचायत: अध्यक्ष 52 26 50%
जिला पंचायत: सदस्य 823 444 53.94%
कुल 3,95,552 2,09,041 52.84%