
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : तीन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में जहां गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है तो शेष क्षेत्र में तापमान में तेजी आने लगी है। इसी क्रम में गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक 43.7 डिग्री सेल्सियस तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया। प्रदेश के 21 शहरों में दिन का तापमान 40 से 43.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
उधर, गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से छिंदवाड़ा में छह, सिवनी में एक एवं मंडला में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को भी जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है, जबकि ग्वालियर, चंबल एवं सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं लू भी चल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश में वातावरण में नमी बरकरार है। इस वजह से जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं। शेष संभाग के जिलों में राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाओं के कारण अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने का सिलिसला शुरू हो गया है।
शुक्रवार को भी जबलपुर संभाग के जिलों में वर्षा हो सकती है। शेष जिलों में भी पारा बढ़ सकता है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं लू भी चलने के आसार हैं। हालांकि, शुक्रवार को एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में पहुंचने जा रहा है, लेकिन इसकी आवृत्ति कम होने के कारण इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर असर पड़ने की संभावना कम है।