
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर के विजय नगर स्थित भंडारी हास्पिटल में 25 वर्षीय शालिनी सिंह की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन में लापरवाही और गलत ब्लड चढ़ाने के कारण उनकी बेटी की जान गई।
शालिनी सिंह (25) को 16 फरवरी को कंधे में दर्द की शिकायत के कारण भंडारी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जांच में हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम पाया गया और फिजिशियन डॉ. सपना पांडे ने दो से तीन यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी।
परिजनों के अनुसार, शालिनी का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था। पहला यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद अगले दिन दूसरी यूनिट दी गई। ब्लड चढ़ाने के कुछ देर बाद शालिनी को चक्कर और उल्टियां शुरू हो गईं। स्थिति बिगड़ने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन रोका गया और उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
भंडारी हास्पिटल के ICU इंचार्ज हरीश सोनी ने कहा कि अस्पताल ने दूषित या गलत ब्लड नहीं चढ़ाया। उनके पास इसके प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है और पोस्टमॉर्टम के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
युवती का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को होगा। परिजनों और अस्पताल के बीच विवाद के कारण पुलिस और चिकित्सा अधिकारी घटना की पूरी पड़ताल करेंगे।
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