MPPSC Exam: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। परीक्षा और परिणामों में लेटलतीफी के लिए बदनाम मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अब परीक्षा में जल्दबाजी के लिए निशाने पर है। आयोग ने 11 मार्च से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2023 रखी है। परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय दिए जाने को लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं। सोमवार को उन्होंने आयोग का घेराव कर दिया। धरना दे रहे अभ्यर्थियों से आयोग की तरफ से कोई चर्चा करने नहीं आया। अभ्यर्थियों की भीड़ देखकर आयोग ने पुलिस बल बुलवाया। धरना देर रात तक जारी था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के लिए नियमानुसार न्यूनतम 90 दिन का समय दिया जाना है, लेकिन आयोग ने 50 दिनों के भीतर मुख्य परीक्षा रख दी। 229 पदों के लिए राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 आयोग ने 17 दिसंबर को करवाई। इसमें ढाई लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परिणाम 18 जनवरी को घोषित किया गया। बाद में आयोग ने मुख्य परीक्षा 11 मार्च से करवाने का फैसला लिया है।
पोर्टल पर अधिसूचना जारी हो चुकी है। इसके बाद अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी को लेकर कम समय मिलने से भड़के हुए हैं। रोजाना अभ्यर्थी इंटरनेट मीडिया पर आयोग की मनमानी को लेकर पोस्ट कर रहे हैं। सोमवार को 100 से ज्यादा अभ्यर्थी आयोग कार्यालय पहुंचे। इन्हें भीतर प्रवेश नहीं दिया गया। इससे नाराज होकर अभ्यर्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हाथों में पोस्टर थामकर अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा की तारीख बढ़ाने की मांग रखी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमानुसार दो परीक्षाओं के बीच 90 दिनों का अंतर होना चाहिए। वैसे आमतौर पर प्रारंभिक परीक्षा के सात से आठ महीने बाद मुख्य परीक्षा होती है। पहली बार ऐसा हुआ है कि परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय दिया है। रिजल्ट जारी होने के पचास दिन बाद 11 मार्च से परीक्षा करवाई जा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों का रिजल्ट भी जारी किया है, जो न्यायालय में आरक्षण को लेकर चल रहे प्रकरण की वजह से रोक रखा है। साथ ही अप्रैल में होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 में पद बढ़ाएं। विज्ञापन के दौरान आयोग ने 60 पदों पर भर्तियां निकाली थी, लेकिन दस दिन बाद 50 पद जोड़ दिए। कई विभागों में अभी सैकड़ों पद रिक्त हैं। इन्हें जल्द परीक्षा में शामिल किया जाए।
राज्य मुख्य परीक्षा-2023 की तारीख आगे बढ़ाने को लेकर आयोग ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। वैसे मार्च में होने वाली मुख्य परीक्षा की तारीख में फेरबदल करने से बाकी परीक्षाएं प्रभावित होंगी, जिसमें राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 भी शामिल है। साथ ही कई विभिन्न पदों के लिए होने वाले साक्षात्कार भी आगे बढ़ाना पड़ सकते हैं। हालांकि आयोग के अधिकारियों ने अगले सप्ताह बैठक बुलाई है।