Indore News: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। न्यू हीरानगर (एमआर-10) स्थित जय गुरुकुल एकेडमी के खिलाफ हीरानगर पुलिस थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हुआ है। दरअसल, सालभर पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थी जब परीक्षा प्रवेश पत्र लेेने स्कूल पहुंचे तो संचालक ने परीक्षा फार्म जमा नहीं करने की बात कहीं। मामले में पुलिस ने शिकायत के बाद स्कूल प्राचार्य राजकुमारी भार्गव पति महेश चतुर्वेदी और चेतन पिता महेश को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं स्कूल संचालक सार्थक पिता महेश फरार है।
फरियादी महावीर सिंह पिता शंभु सिंह देवड़ा ने पुलिस को बताया कि जय गुरुकुल एकेडमी न्यू हीरानगर स्कूल मेंं उनकी दो बेटी सुनीता 12वीं और अनीता 10वीं में पढ़ती हैं। स्कूल प्राचार्य राजकुमारी भार्गव चतुर्वेदी, संचालक सार्थक चतुर्वेदी और चेतन उर्फ प्रियांशु हैं। दोनों बेटियों की परीक्षा फीस के 20 हजार रुपये नकद सार्थक को दिए थे, जिसकी रसीद नहीं दी गई। रविवार को जब रोल नंंबर के लिए स्कूल गए, तो प्राचार्य राजकुमारी ने बताया कि सार्थक ने परीक्षा फार्म ही जमा नहीं किए। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने जय गुरुकुल एकेडमी की प्राचार्य राजकुमारी भार्गव, संचालक सार्थक और चेतन उर्फ प्रियांशु के खिलाफ धारा 420, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर राजकुमारी और चेतन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं सार्थक फरार है।
रविवार दोपहर स्कूल के 10वीं के 16 और 12वीं के सात विद्यार्थी स्कूल प्रबंधन की शिकायत और परीक्षा में बैठने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास ने परीक्षा में शामिल करने से मना कर दिया। डीईओ व्यास ने बताया कि शिकायत करने आए विद्यार्थियों के पास स्कूल में अध्ययन करने के दस्तावेज तक नहीं थे। हमने माशिमं स्तर पर चर्चा भी की, लेकिन उन्होंंने मना कर दिया।