
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सोमवार को जलप्रदाय से जुड़े अधिकारियों, जोनल अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ की बैठक में लीकेज रोकने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कनेक्शन देते वक्त सावधानीपूर्वक पैकिंग आदि का ध्यान रखें, क्योंकि पर्याप्त पैकिंग नहीं होने से लीकेज और गंदे पानी की समस्या खड़ी हो जाती है। निगमायुक्त ने कहा कि जहां पर पानी की डबल लाइन है वहां पर सर्वे करें। जिस लाइन की आवश्यकता नहीं है उसे बंद कर दें।
निगमायुक्त ने यह निर्देश भी दिए कि सभी जोन क्षेत्रों में जलप्रदाय पाइपलाइन, ज्वाइंट, वाल्व एवं अन्य जलप्रदाय संरचनाओं में वर्तमान में लीकेज का सर्वेक्षण कर सात दिन में अनिवार्य रूप से सुधार कार्य कर लें। भविष्य में भी पाइपलाइन या वाल्व में लीकेज की सूचना मिलने पर 48 घंटे के भीतर सुधार कार्य करना अनिवार्य होगा।
इस संबंध में संबंधित सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में लीकेज का सुधार नहीं होने तथा जल की अनावश्यक क्षति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि जिन क्षेत्रों में नई लाइनें बिछाई जा चुकी हैं वहां अगर पुरानी लाइन संचालित हो रही है तो इसे बंद करें। यह काम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। एक माह की अवधि पूरी होने पर संबंधित सहायक यंत्री को प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा कि उनके क्षेत्र में डबल पाइपलाइन से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है और आवश्यकतानुसार पुरानी पाइपलाइन को बंद कर दिया गया है।
प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के बाद भी यदि निरीक्षण में किसी क्षेत्र में अनावश्यक रूप से पुरानी एवं नवीन दोनों पाइपलाइन संचालित पाई जाती हैं अथवा पुरानी पाइपलाइन बंद नहीं की गई है, तो इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित सहायक यंत्री एवं उपयंत्री के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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