
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नियमितिकरण की मांग के समर्थन में मंगलवार को भी नगर निगम के आठ हजार से ज्यादा सफाईकर्मियों ने काम बंद रखा। इसके चलते देश के सबसे स्वच्छ शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कचरा सड़कों पर नजर आने लगा। वार्डों में कचरा संग्रहण वाहन नहीं पहुंचे और लोग परेशान होते रहे। सफाईकर्मियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने करीब चार घंटे प्रदर्शन तक घेराव किया जिसके बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने स्वयं पहुंचकर उनसे ज्ञापन लिया।
निगमायुक्त ने सफाईकर्मियों को बताया कि काम से हटाए गए 44 कर्मचारियों को बहाल कर दिया गया है। नगर निगम ने सफाईकर्मियों की शेष मांगें शासन तक पहुंचा दी हैं। इनके बारे में निर्णय शासन को लेना है। निगमायुक्त ने सफाई कर्मचारियों से काम पर लौटने का आव्हान भी किया, लेकिन वे नहीं माने। इधर स्थानीय कर्मचारी नेताओं ने बताया कि दोपहर बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से एक पत्र मिला है। इसमें कर्मचारियों की मांगों पर विचार का आश्वासन दिया गया है। इन नेताओं का कहना है कि हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी।
मंगलवार सुबह भी करीब 11 बजे से सफाईकर्मी निगम मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। इन कर्मचारियों ने मुख्य गेट के पास धरना दिया। ये कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी करते रहे। लगभग डेढ घंटे बाद अपर आयुक्त प्रखरसिंह कर्मचारियों से मिलने पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने कह दिया कि वे सिर्फ निगमायुक्त से ही बात करेंगे। करीब चार घंटे इंतजार के बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल कर्मचारियों से मिलने पहुंचे। सफाईकर्मियों ने उन्हें ज्ञापन दिया। निगमायुक्त ने सफाईकर्मियों से कहा कि उन्होंने उनकी मांगे शासन को भेज दी हैं। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही होना है।
हड़ताल का असर पूरे शहर में नजर आया। सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो उन्हें रोज की तरह सड़कों पर साफ-सफाई नजर नहीं आई। जहां-तहां सड़कों पर कचरा पड़ा हुआ था। शहर के व्यस्त बाजारों में स्थिति ज्यादा खराब है। सराफा, सीतलामाता बाजार, खजूरी बाजार सहित कई बाजारों में कचरा सड़क पर पड़ा रहा। पूर्व क्षेत्र में अटल द्वार से लक्ष्मी मेमोरियल अस्पताल तक सड़क पर जगह-जगह कचरा पड़ा हुआ है। वार्डों में कचरा संग्रहण वाहन नहीं आने से कचरा घरों में पड़ा रहा। इससे नागरिक परेशान हुए।
मैंने सफाईकर्मियों से चर्चा कर उनसे हड़ताल समाप्त करने का आव्हान किया है। सफाईकर्मियों की जो मांगे निगम स्तर पर पूरी हो सकती थीं, उन्हें पूरा किया जा चुका है। नियमितिकरण सहित अन्य मांगों पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना है। हमने सफाईकर्मियों की इन मांगों को शासन को भेज दिया है। निर्णय वहीं से होना है। उम्मीद है कि बुधवार से शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। हड़ताल जल्द ही समाप्त होगी। - क्षितिज सिंघल, निगमायुक्त इंदौर