इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Municipal Corporation Indore। शहर में कई खुली भूमियों पर अनुमति से पूर्व ही डायरियों पर भूखंड अवैध रूप से बेच जा रहे है। इस पर रोक लगाने के लिए नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए निगम द्वारा शहर के लोगों को जागरुक करते हुए यह बताया जा रहा है कि नगरीय क्षेत्र में किसी भी कालोनी में भूखंड या भवन क्रय करने से पूर्व उस कालोनी की विकास अनुमति, लाइसेंस सहित अन्य अनुमतियां लोगों को देखना चाहिए। आयुक्त प्रतिभा पाल के मुताबिक यह देखने में आ रहा है कि कई कालोनाइजरों द्वारा भूमि पर बिना अनुमति प्राप्त किए कागजों, डायरी या स्टाम्प पर अनुबंध कर भूखंड विक्रय कर दिए जाते हैं जो कि नियमों के विपरीत अवैध कालोनाइजेशन की श्रेणी में आते हैं।

मध्य प्रदेश नगर पालिका कालोनाइजर नियम 1998 के नियम 15-क के प्रविधान के तहत निगम से कालोनाइजर लाइसेंस प्राप्त किए बगैर, टीएंडसीपी से अनुमति लेआउट स्वीकृत करवाए बगैर, भूमि का आवासीय उपयोग का डायवर्शन और निगम से बिना विकास अनुमति प्राप्त किए भूखंड विक्रय किया जाना अवैध कालोनी की श्रेणी में माना जाएगा। कई बार अवैध रूप से एक एक बडे भू भाग को अथवा खेत को टुकड़ों-टुकड़ों में विभाजन कर विक्रय कर दिया जाता है। इस तरह की कालोनियों में भूखंड खरीदना जनता के लिए परेशानी का कारण हो सकता है। इस वजह से लोगों को कालोनी से संबंधित दस्तावेज जांचकर ही भूखंड या भवन खरीदना चाहिए। आयुक्त द्वारा इस संबंध में समस्त संबंधित विभागों को संबंधित अनुमतियों के पश्चात ही भूखंडों का विक्रय करने के निर्देश दिए है। इसके अलावा शहर के आम नागरिक से गुजारिश की गई है कि वे किसी भी कालोनी, भवन में भूखंड या भवन क्रय करने से पूर्व उल्लेखित अनुमतियों का परीक्षण के साथ-साथ कालोनी की वैधता के संबंध में नगर पालिक निगम इंदौर के कालोनी सेल विभाग से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

निगम के जोनल अधिकारी कराएंगे क्षेत्र के भूखंडों की ब्रिकी नियमों का पालन

आयुक्त प्रतिभा पाल ने आदेश जारी किया है कि नगरीय निकाय क्षेत्र में किसी भी खसरा भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए भूखंडों या भवनों का विक्रय नहीं हो तथा समय-समय पर भिन्ना-भिन्ना कालोनियो में भूखंड या भवन बेचने हेतु दैनिक समाचार पत्रों अथवा अन्य किसी स्तर पर भी विज्ञापन का जो प्रकाशन किया जाता है, उनमें कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र क्रमांक व दिनांक, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, जिला इंदौर से स्वीकृत अभिन्यास का क्रमांक व दिनांक, कलेक्टर कार्यालय, जिला इंदौर में भूमि डायवर्शन संबंधी की गई कार्यवाही के दस्तावेजों के क्रमांक व दिनांक, नगर पालिक निगम, इंदौर से प्राप्त की गई विकास अनुमति के क्रमांक व दिनांक का उल्लेख कालोनाइजर के लिए अनिवार्य होगा। निगम के सभी संबंधित जोन स्तर के अधिकारियों द्वारा इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

किसी भी कालोनी में भूखंड खरीदने के पूर्व नागरिक कालोनी की इन अनुमतियों को देखे

-कालोनाइजर रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र (लाइसेंस)।

-नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएनसीपी) जिला इंदौर से उक्त कालोनी का ले आउट स्वीकृति।

-कलेक्टर कार्यालय जिला इंदौर से आवासीय डायवर्शन।

-निगम द्वारा दी गई कालोनी के विकास की अनुमति।

-यह भी देखे कि भूखंड नगर निगम के पास गिरवी तो नहीं रखा गया है।

इस तरह हो सकती है कार्रवाई

आयुक्त ने स्वीकृतियों के बिना डायरी या अनुबंध के आधार पर कागजों पर ही भूखंडों या भवनों का विक्रय किए जाने की जानकारी के तथ्य संज्ञान में आने पर ऐसे व्यक्तियों, कालोनाइजरो, कंपनियों व संस्थाओं के विरुध्द क्षेत्रीय भवन अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

-यदि किसी भी भूमि पर सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बगैर ही भूखंडों का विक्रय किया जाता है, तो ऐसे व्यक्तियों, कालोनाइजरो, कंपनियों, संस्थाओ के विरुध्द अवैध कालोनाइजेशन का प्रकरण पंजीबध्द किया जा सकता है।

-किसी ऐसी भूमि, जिस पर किसी प्रकार की कोई अनुमति प्राप्त नही की गई है एवं बिना सक्षम अनुमति के आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को लाभ-लुभावने प्रलोभन देकर भूखंड का विक्रय किया जाता है तो ऐसे व्यक्तियों, कालोनाइजरों, कंपनियों, संस्थाओं के विरुध्द धारा 420 धोखाधड़ी का अपराध पंजीबध्द करवाया जाएगा।

-बिना सक्षम अनुमति के कागजों, डायरी, स्टाम्प पर अनुबंध कर भूखंड बेचने वालों के खिलाफ पंजीयन शुल्क की चोरी का अपराध पंजीबद्ध कराया जाएगा।

Posted By: gajendra.nagar

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