
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना और भरत ने कॉलोनाइजर सुमित मंत्री के मिलकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे। तीनों ने मनी लान्ड्रिंग से बचने के लिए न सिर्फ फर्जी गवाह तैयार किया बल्कि फर्जी दस्तावेज तक तैयार कर लिए। शनिवार को पुलिस ने नाना के करीबी सुमित पटेल को पूछताछ करने बुलाया तो उसने सच उगल दिया।
जोन-1 के डीसीपी नरेंद्रसिंह तोमर पलसिकर कालोनी निवासी पायल साहनी की शिकायत पर जांच कर रहे थे। पायल ने शुभम वैली कालोनी के भूखंड का अनुबंध कर 36 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। कालोनी सुमित मंत्री द्वारा विकसित की गई है।
अनुबंध के संबंध में पूछने पर नाना ने कहा प्लाट तो सुमित पटेल का है। उसने मौखिक रुप से अधिकृत किया था। सुमित मंत्री और भरत पटवारी ने भी इसी बात को दोहराया। शनिवार को सुमित पटेल को बुलाया तो उसने पहले नाना के बयान दोहरने का प्रयास किया लेकिन बाद में टूट गया और तीनों की पोल खोल दी।
उसने बताया कि शुभम वैली का प्लॉट तो इरफान चंदेरी ने डायरी पर खरीदा था। इरफान ड्रग्स केस का आरोपित है। नाना ने ड्रग्स कनेक्शन से बचने के लिए इरफान का नाम छुपाया था। सुमित मंत्री मनी लान्ड्रिंग से बचना चाहता था। डीसीपी के अनुसार सुमित पटेल से डायरी भी जब्त कर ली है। उसने तीनों की साजिश का खुलासा कर दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई भरत पटवारी से पूछताछ शुरू हो चुकी है। पायल साहनी की शिकायत पर राजेंद्र नगर पुलिस ने शुक्रवार को पांच घंटे तक सवाल दागे। भरत ने भी नाना की तरह ज्यादातर सवालों के गोलमाल जवाब दिए और बिजलपुर के सुमित पटेल का नाम बताया। पुलिस ने अब सुमित को तलब कर लिया है।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार पलसिकर निवासी पायल ने नाना पटवारी पर भूखंड की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। शुभम वैली स्थित इस भूखंड के रुपये नाना ने नहीं दिए है। पुलिस ने कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से इस संबंध में तीन बार पूछताछ की है।
जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी से भूखंड की धोखाधड़ी में पांच घंटे चली पूछताछ