
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर में बुधवार को अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना के पैकेज-एक के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम लता मंगेशकर सभागृह में दोपहर करीब सवा तीन बजे प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे इंदौर के जल प्रबंधन और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए अहम कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे सूर्य उत्तरायण होकर प्रकाश बढ़ाता है, वैसे ही इंदौर विकास, नवाचार और प्रगति के मार्ग पर लगातार अग्रसर है। उन्होंने इंदौर को देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। इंदौर की ताकत उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसले और विकासशील सोच है।
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मन में पीड़ा है, लेकिन यह समय सीख लेकर आगे बढ़ने का है। सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर प्रयास किए।
इंदौर संकल्प शक्ति के साथ पुनः आगे बढ़ेगा…
आज इंदौर में “अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना” के अंतर्गत ₹800 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
यह योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिससे न केवल शहर की जल व्यवस्था सुदृढ़ होगी… pic.twitter.com/dECMwKc4Sh
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 14, 2026
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा जल परियोजना केवल योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। नर्मदा नहीं आती तो इंदौर आज जिस स्वरूप में है, वहां तक कभी नहीं पहुंच पाता। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एक घटना को लेकर शहर को बदनाम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष आपदा में अवसर खोज रहा है और लाशों पर राजनीति कर रहा है, जिसे इंदौरवासी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विरोध होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं कर रही।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले नर्मदा चौराहा पर मां नर्मदा, बाबा भीमराव आंबेडकर और लता मंगेशकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।