• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

दूषित पानी कांड के 10 दिन बाद भी संकट बरकरार, भागीरथपुरा में पानी की टेस्टिंग फेल, अब भी टैंकरों के भरोसे चल रहा काम

Indore Water Crisis: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी कांड को दस दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब भी नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति बहाल न...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Thu, 08 Jan 2026 05:45:43 AM (IST)Updated Date: Thu, 08 Jan 2026 07:31:23 AM (IST)
दूषित पानी कांड के 10 दिन बाद भी संकट बरकरार, भागीरथपुरा में पानी की टेस्टिंग फेल, अब भी टैंकरों के भरोसे चल रहा काम
नए साल का पहला सप्ताह बीता, अब भी टैंकरों के भरोसे भागीरथपुरा। फाइल फोटो

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: दूषित पानी कांड को दस दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक नर्मदा जल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है। नए साल का पहला सप्ताह भी रहवासियों ने नर्मदा जल के बिना ही बिताया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पानी की व्यवस्था टैंकरों के माध्यम से की जा रही है।

naidunia_image

नगर निगम का दावा है कि टैंकरों से दिया जा रहा पानी पीने योग्य है, लेकिन दूषित पानी से 20 लोगों की मौत के बाद क्षेत्र के रहवासी इतने भयभीत हैं कि वे टैंकरों का पानी पीने को तैयार नहीं हैं। कुछ सामाजिक संगठन जरूर क्षेत्र में आरओ का पानी वितरित कर रहे हैं।


बुधवार को टंकी से नर्मदा जल सप्लाय की टेस्टिंग की घोषणा के बाद रहवासियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द नियमित सप्लाय शुरू होगी, लेकिन टेस्टिंग के दौरान नर्मदा लाइन फूट गई। इसके चलते निगम को सप्लाय बंद करनी पड़ी और उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया। फिलहाल भागीरथपुरा के रहवासियों को टैंकरों के भरोसे ही रहना होगा।

राहत की बात यह है कि क्षेत्र में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। बुधवार को 24 मरीज सामने आए, जिनमें से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि शेष को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षीतिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने रेडवाल कॉलोनी, ईंट का भट्टा, बगिया रोड सहित अन्य क्षेत्रों में सीवरेज और नर्मदा लाइन के लीकेज सुधार कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। निगमायुक्त ने बताया कि टीमें घर-घर और गली-गली जाकर नागरिकों को जागरूक कर रही हैं।

लाइन टेस्टिंग से पहले नगर निगम ने नागरिकों से अपील की थी कि अतिरिक्त क्लोरिन युक्त पानी का उपयोग न करें और घरों की नर्मदा लाइन की टोटियां बंद रखें। इसके बावजूद कुछ लोगों ने पानी से वाहन और ओटले धोने शुरू कर दिए। कुछ ही मिनटों में लाइन फूटने के बाद सप्लाय रोक दी गई। बुधवार को लिए गए सैंपलों की गुणवत्ता को संतोषजनक बताया जा रहा है।

निगमायुक्त क्षीतिज सिंघल ने बताया कि टेस्टिंग का उद्देश्य नर्मदा लाइन में लीकेज का पता लगाना था। कई स्थानों पर लीकेज मिले हैं, जिन्हें सुधारने के बाद दोबारा टेस्टिंग की जाएगी।

दूसरी ओर, दूषित पानी घरों तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। नगर निगम जहां सीवरेज लाइन मिलने की बात कर रहा है, वहीं रहवासियों और वार्ड छह की पार्षद संध्या यादव ने पानी में अत्यधिक क्लोरिन मिलाए जाने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि 23-24 दिसंबर को सप्लाय हुआ पानी सामान्य से अधिक साफ और तीव्र गंध वाला था।

टेस्टिंग का उद्देश्य नर्मदा लाइन में लीकेज का पता लगाना था। बुधवार की टेस्टिंग में कई पाइंट मिले हैं जहां लाइन में लीकेज हैं। हम इन्हें सुधारने के बाद दोबारा टेस्टिंग करेंगे। यह सतत प्रक्रिया है।

-क्षीतिज सिंघल निगमायुक्त इंदौर