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इंदौर में फिर सामने आई जिम्मेदारों की लापरवाही, शॉफ्ट के लिए जगह तय करने से पहले जांच ही नहीं की कि कोई लाइन तो नहीं जा रही

वार्ड 31 में हुए हादसे से एक बार फिर नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आ गई। रिचार्ज शॉफ्ट के लिए 200 फीट गहरा बोरिंग किया जा रहा था, लेकिन इस...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 24 Jun 2026 08:23:19 AM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2026 08:23:19 AM (IST)
इंदौर में फिर सामने आई जिम्मेदारों की लापरवाही, शॉफ्ट के लिए जगह तय करने से पहले जांच ही नहीं की कि कोई लाइन तो नहीं जा रही
बोरिंग के दौरान गैस लाइन में हो गया छेद। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. वार्ड 31 में हुए हादसे से एक बार फिर नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आ गई
  2. रिचार्ज शॉफ्ट के लिए 200 फीट गहरा बोरिंग करने से पहले जांच नहीं की गई कि जमीन के नीचे पेयजल, ड्रेनेज, गैस या केबल लाइन तो नहीं गुजर रही।
  3. समय रहते यह जांच कर ली जाती तो हादसा नहीं होता, जिम्मेदार एक दूसरे पर डाल रहे जवाबदारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वार्ड 31 में हुए हादसे से एक बार फिर नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आ गई। रिचार्ज शॉफ्ट के लिए 200 फीट गहरा बोरिंग किया जा रहा था, लेकिन इसे करने से पहले इस बात की जांच तक नहीं की गई कि जिस जगह बोरिंग कर रहे हैं वहां जमीन के नीचे पेयजल, ड्रेनेज, गैस या केबल लाइन तो नहीं गुजर रही।

समय रहते यह जांच कर ली जाती तो हादसा नहीं होता। नईदुनिया ने जब इस बारे में सब इंजीनियर, स्थानीय पार्षद से बात की तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए। सब इंजीनियर मनीष मेहता जिनकी जिम्मेदारी थी कि वे बोरिंग से पहले जमीन के नीचे से गुजर रही लाइनों की जांच करते हादसे के बाद मौके पर पहुंचे। वहीं पार्षद बालमुकुंद सोनी का कहना है कि गैस कंपनी को मौके पर संकेतक लगाना थे।


जलजमाव वाली जगह बना रहे थे रिचार्ज शॉफ्ट

नगर निगम पूरे शहर में जलजमाव वाले स्थानों को चिह्वित कर वहां रिचार्ज शाफ्ट बना रहा है। वार्ड 31 में भी जिस जगद हादसा हुआ वहां रिचार्ज शाफ्ट बनाई जा रही थी, क्योंकि इस जगद हर बार जलजमाव की समस्या होती है। इसके लिए करीब 200 फीट गहरा गड्डा किया जाना था।

मुझे इसकी जानकारी नहीं थी

पार्षद मौके पर खड़े होकर काम करवा रहे थे। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मैं तो हादसे की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंचा था। -मनीष मेहता, उपयंत्री निगम

कंपनी संकेतक लगाकर रखती तो नहीं होता हादसा

गड्ढा निगम कर रहा था। निगम के अधिकारियों को जांच करना थी। गैस कंपनी संकेतक लगाकर रखती तो हादसा नहीं होता। -बालमुकुंद सोनी, पार्षद वार्ड 31

पिछले दिनों फूट चुकी है नर्मदा लाइन

एबी रोड पर निर्माणाधीन एलिवेटेड कारिडोर के लिए चल रही खोदाई के दौरान पिछले दिनों नर्मदा लाइन फूट गई थी। लाखों लीटर पानी बेकार बह गया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि विभागों के बीच समन्वय की कमी की वजह से ऐसा हुआ था। वार्ड 31 में हुए हादसे में भी यही बात सामने आ रही है।

निगमायुक्त को पत्र भी लिख चुके हैं

विभागों के बीच समन्वय की कमी की वजह से कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं। मैंने इस बारे में पिछले दिनों निगमायुक्त को पत्र भी लिखा था, बावजूद इसके हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। -अभिषेक शर्मा, जलकार्य प्रभारी नगर निगम इंदौर

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