
कपिल नीले, इंदौर । महज दस मिनट की आपकी लापरवाही कैसे आपके स्वजन को परेशान कर सकती है यह देखना हो तो आपको इंदौर के भविष्य निधि कार्यालय आना चाहिए। कोरोना महामारी के दौरान जान गंवाने वाले दर्जनों लोगों के स्वजन यहां भविष्य निधि की रकम और पेंशन शुरू करवाने के लिए भटक रहे हैं। इनकी गलती सिर्फ इतनी है कि इनके स्वजन ने भविष्य निधि फार्म में नामांकन से जुड़ी जानकारी नहीं दी। यहां तक कि वारिस का नाम तक नहीं बताया था।
अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय (ईपीएफओ) को पीएफ प्रकरण निपटाने में खासी दिक्कतें आ रही है। ऐसा नहीं कि विभाग इनकी मदद को तैयार नहीं है। वे बार-बार नियोक्ता से जानकारी मांगवा रहे हैं। मगर मजबूरी यह कि विभाग को भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना है। अब भविष्य में ऐसी परेशानी न हो इसके लिए पीएफ विभाग ने अब ई-नामांकन की सुविधा शुरू की है लेकिन इसका भी बहुत अच्छा प्रतिसाद नहीं मिल रहा।
इंदौर पीएफ कार्यालय में पांच लाख 361 कर्मचारी सदस्य हैं। सितंबर से चल रहे ई-नामांकन अभियान में 21 हाजर 184 ने जानकारी अपलोड की है। इंदौर से सवा चार प्रतिशत कर्मचारियों ने प्रक्रिया पूरी की है। मप्र एवं छग के भविष्य निधि आयुक्त अजय मेहरा ने ई-नामांकन की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। प्रत्येक कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को शिविर और संस्थानों में बैठक बुलाकर ई-नामांकन के बारे में जानकारी देने पर जोर दिया है। आयुक्त मेहरा का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर से हजारों की संख्या में कर्मचारी संक्रमित हुए है। इस दौरान कर्मचारियों के पेंशन और मृत्यु प्रकरण निपटाने में काफी परेशानी आई, क्योंकि संस्थानों से कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं मिली।
वे बताते हैं कि इन परिस्थितियों के बाद विभाग ने ई-नामांकन की सुविधा शुरू की है। ताकि नियोक्ता के अलावा कर्मचारी अपनी जानकारियों आनलाइन अपलोड कर सके। ताकि इस तरह से परेशानियों से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि ई-नामांकन के लिए अभियान चालाया जा रहा है, जिसमें शिविर, वेबीनार, संस्थानों में बैठक रखकर प्रक्रिया के बारे में समझाना है।
इसलिए जरूरी
इंदौर कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त अमरदीप मिश्रा ने बताया कि सभी कर्मचारियों के लिए ई नामांकन करवाना अनिवार्य है, जिसमें कर्मचारी की नियुक्ति दिनांक, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आइडी कार्ड, पैन नंबर, नामिनी, परिवार के सदस्य के बारे में जानकारी अपलोड करना है। वे बताते है कि ई-नामांकन करवाना नियोक्ता की जिम्मेदारी है। ताकि कर्मचारी की मृत्यु के बाद उस पर आश्रितों को पीएफ पेंशन देयकों के भुगतान में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल में कर्मचारियों के स्वजनों को एेसी परेशानी से जूझना पड़ा है। इसलिए कर्मचारियों को भी ई-नामांकन को लेकर जोर दिया जा रहा है।
ऐसे करें प्रक्रिया
- ईपीएफओ पोर्टल में सर्विसेज सेक्शन में फॉर इम्पलाईज पर जाकर पहले मेम्बर पोर्टल जनरेट करें।बाद में यूएएन नंबर और पासवर्ड डालकर लाग इन कर सकते है।
- कर्मचारी अपना प्रोफाइल बनाए। फोटो और सामान्य जानकारी अपलोड करें।
- परिवार की जानकारी भरने के लिए फेमिली डिक्लेरशन पर क्लिक करें, जिसमें उनका आधार नंबर व फोटो अपलोड करें।
- फिर नामिनी की जानकारी दे, जिसमें परिवार के सदस्यों को जोड़ सकते है।