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नया शैक्षणिक सत्र आज से: इंदौर जिले में टपकती छतों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर होंगे बच्चे, नहीं हुआ मरम्मत का कार्य

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। बारिश का मौसम आने से पहले भी कई स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं हो सकी ह...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 16 Jun 2026 08:50:44 AM (IST)Updated Date: Tue, 16 Jun 2026 08:50:44 AM (IST)
नया शैक्षणिक सत्र आज से:  इंदौर जिले में टपकती छतों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर होंगे बच्चे, नहीं हुआ मरम्मत का कार्य
अमरापुरी स्थित शामावि की छत से गिर रहा प्लास्टर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है
  2. बारिश का मौसम आने से पहले भी कई स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं हो सकी है
  3. ऐसे में बच्चों को टपकती छतों और जर्जर कमरों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत मंगलवार से होने वाली है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। बारिश का मौसम आने से पहले भी कई स्कूल भवनों की मरम्मत नहीं हो सकी है। ऐसे में बच्चों को टपकती छतों और जर्जर कमरों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार इंदौर में 30 से अधिक स्कूलों के भवनों की खराब स्थिति को देखते हुए दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि कई ऐसे स्कूल हैं, जहां अब भी भवनों की हालत बेहद खराब बनी हुई है। कई स्कूलों में छतों से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और प्लास्टर उखड़ने जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।


हर वर्ष बारिश के दौरान बच्चों को समस्याएं होती है। अभिभावकों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान स्कूल भवनों की खराब स्थिति सामने आती है, लेकिन समय रहते मरम्मत कार्य नहीं हो पाता। कई बार बच्चों को कक्षाओं के बजाय बरामदों या दूसरे कमरों में बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ती है।

जर्जर भवन, सामुदायिक भवन में किया शिफ्ट

जबरन कालोनी स्थित शा उन्नत मावि का भवन कई वर्षो से जर्जर हालत में है। यहां छत से पानी टपकने के साथ ही दीवारों से सरिए निकल रहे हैं। आठवीं तक की कक्षा यहां लगती है। अभी बच्चों को सामुदायिक भवन में शिफ्ट किया जाएगा। यहां स्कूल की नया भवन भी बन रहा है, लेकिन वर्षो से उसका काम रूका हुआ है।

छत का हिस्सा गिरा

अमरापुरी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय भवन इतना जर्जर हो चुका है कि उसकी छत का एक हिस्सा नीचे गिर गया था। हालत यह है कि अब एक ही कक्षा में सभी बच्चों को बैठा दिया जा रहा है। उसकी स्थिति भी ठीक नहीं है। बारिश के दिनों में जर्जर भवन में पानी टपकने की समस्या रहती है।

इन स्कूलों में भी हर वर्ष आती है समस्याएं

कृष्णबाग स्थित शा. मा. विद्यालय में तेज बारिश के दौरान पानी भर जाता है। नयापीठा स्थित शासकीय उर्दू स्कूल भवन करीब 100 वर्ष पुराना है और जर्जर हो चुका है। इसके अलावा शामावि गौतमपुरा, शामावि अहिल्या पलटन, शामावि गोमा की फेल, शामावि सर्वहारा नगर, शामावि खातीपुरा, शामावि नंदानगर, शामावि बजरंग नगर, शामावि भागीरथपुरा आदि में भी बारिश के दौरान समस्या बढ़ जाती है।

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