
स्थान- दवा बाजार, ढक्कनवाला कुआं तिराहा और विजय नगर
Night Reporter : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रहवासी क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर स्थापित शराब दुकानों के कारण रहवासियों और मार्ग से आने-जाने वालों को हर दिन परेशान होना पड़ रहा है। शाम को जैसे-जैसे शराब दुकानों पर भीड़ बढ़ती है आसपास के रहवासियों को घरों में ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शहर के तीन स्थानों की शराब दुकानों पर जब नईदुनिया टीम पहुंची तो कई अव्यवस्थाएं नजर आईं।
विजय नगर शराब दुकान (मेघदूत उपवन के सामने सर्विस रोड), दवा बाजार के सामने और ढक्कनवाला कुआं तिराहे के पास की दुकानों पर रात 11 बजे काफी भीड़ रहती है। रात 11.30 बजे दुकानें बंद हो जाती हैं। इसके बाद कई लोग वाहनों में बैठकर शराब का सेवन करते हैं। यहां से कई बार पुलिस वाहन आते-जाते दिखाई दिए, लेकिन किसी ने भी इनको रोकने-टोकने की कोशिश नहीं की। ढक्कनवाला कुआं तिराहा और दवा बाजार के सामने वाली दुकान मुख्य मार्ग से लगी हुई है। यहां शाम से ही वाहनों की संख्या बढ़ने लगती है और रात तक कई वाहन सड़क तक पार्क होने लगते हैं। तीनों जगह शराब दुकानों के बाहर गार्ड तैनात दिखाई दिए, लेकिन वे भी एक किनारे खड़े होकर बात करते रहे। विजय नगर शराब दुकान के आसपास कई मल्टी हैं और यहां कई बार रहवासी शराब दुकान हटाने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं है। शाम से ही सर्विस रोड पर वाहन पार्क होने लगते हैं और लोग शराब वाहनों पर बैठकर पीते हुए दिखाई दिए। देशी के साथ विदेशी शराब दुकान भी यहां है, लेकिन इनके बैठने की व्यवस्था नहीं है।
खुले में शराब पीते हुए भद्दी बातें करते रहे
दवा दुकान के सामने शराब पीने के बाद बाहर निकले कुछ लोग आधे घंटे तक पास की पान की दुकान पर खड़े रहे। दुकान पर अन्य ग्राहकों को इनसे असुविधा हुई तो उन्होंने दूर खड़े रहने के लिए कहा। इसके बाद यहां बहस शुरू हो गई। इसी तरह की स्थिति विजय नगर पर भी दिखाई दी। पार्किंग में लोग शराब पीते रहे। यहां सर्विस रोड से कई लोगों का आना जाना होता है। शराब पीने के बाद कुछ लोग सड़क से गुजर रही कुछ महिलाओं को देखते हुए भद्दी बातें करते रहे। शराब दुकान के कारण आसपास कई पान की दुकानें और रेस्टोरेंट खुल गए हैं। यहां भी शराब पीकर बहस करने वाले कई लोग दिखाई दिए।
बाहर ही बोतल फेंक जाते हैं
तीनों शराब दुकानों के बाहर लोग शराब पीते दिखाई दिए, लेकिन किसी भी जगह डस्टबिन नजर नहीं आई। कई लोग शराब पीने के बाद पार्किंग और सर्विस रोड पर ही शराब की बोतले फेंक रहे थे। दुकानदारों के सामने यह होता रहता है, लेकिन वे भी व्यवस्था बनाने पर ध्यान नहीं दे रहे। रात 11 बजे के बाद पुलिस के वाहन भी आए, लेकिन कुछ देर हार्न बजाकर चले गए। इनके सामने ही कई लोग शराब की बोतलें हाथ में लेकर खड़े रहे।