
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पुलिस कांस्टेबल (बैंड) के 679 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए प्रस्तुत याचिकाएं हाई कोर्ट ने खारिज कर दीं। कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो गुरुवार को जारी हुआ। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की अवैधता या पक्षपात सिद्ध नहीं हुआ है। कोर्ट चयन समिति के निर्णय के विरुद्ध अपील की तरह अभ्यर्थियों की तुलनात्मक योग्यता का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकती।
शासन ने पुलिस कांस्टेबल (बैंड) पद पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन बुलवाए थे। आवेदन करने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उन्होंने चयन प्रक्रिया का पहला और दूसरा चरण सफलतापूर्वक पूरा किया, बावजूद इसके उन्हें तीसरे चरण यानी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।
याचिका निरस्त करने की मांग करते हुए शासन की ओर से तर्क रखा गया था कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। 24 अगस्त 2026 को याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अंतिम परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी।
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बुधवार को न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने मामले में सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो गुरुवार को जारी हुआ।
कोर्ट ने याचिका निरस्त करते हुए कहा कि कोर्ट विशेषज्ञ चयन समिति की जगह बैठकर अभ्यर्थियों की योग्यता का तुलनात्मक मूल्यांकन नहीं कर सकती। याचिकाकर्ता चयन प्रक्रिया में पक्षपात, धांधली या अनियमितता का कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सके।