
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लंबे समय से अधूरी पड़ी आरई-2 सड़क को पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने बाधक निर्माण हटाने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को अधिकारियों ने मूसाखेड़ी और पिपल्याहाना क्षेत्र में सड़क के बाधक हिस्सों का मौके पर निरीक्षण किया।
तीन स्थानों पर कुल 269 बाधक निर्माण चिह्नित हैं, जिन्हें हटाया जाना है। इनमें रहने वाले अधिकांश लोगों को नगर निगम की मल्टियों में फ्लैट आवंटित हो चुके हैं। अधिकारियों ने ऐसे रहवासियों से जल्द स्थानांतरित होने की समझाइश दी, जबकि जिन लोगों ने अभी तक आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें रसीद कटवाने के लिए कहा गया।
आरई-2 का निर्माण कनाड़िया रोड स्थित भूरी टेकरी से स्कीम-140, नेमावर रोड होते हुए नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी तक प्रस्तावित है। सड़क के कई हिस्सों में काम पूरा हो चुका है, लेकिन मूसाखेड़ी और पिपल्याहाना क्षेत्र में बाधक निर्माण के कारण काम अटका हुआ है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके की स्थिति देखी और रहवासियों से चर्चा की।
मूसाखेड़ी के शिव नगर में 115, शिवनंदन नगर में 72 और पिपल्याहाना क्षेत्र में 82 बाधक निर्माण हैं। पिपल्याहाना का हिस्सा पुलिस लाइन क्षेत्र से भी जुड़ा है। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि बाधक निर्माण हटने के बाद सड़क निर्माण का काम आगे बढ़ सकेगा। जिन लोगों को मल्टियों में आवंटन मिल चुका है, उन्हें जल्द शिफ्ट होने के लिए कहा गया है। वहीं, जिनका आवंटन बाकी है, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
आरई-2 के पूरा होने से कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और बिचौली मर्दाना जैसे प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ेंगे। 45 मीटर चौड़ी यह सड़क कनाड़िया रोड, पिपल्याहाना, नेमावर रोड को कनेक्टिविटी देगी। वहीं बायपास और पूर्वी रिंग रोड के वाहन दबाव को भी कम करेगी। इसके शुरू होने से अधिकांश वाहन इस मार्ग से आवागमन सुगमता से कर सकेंगे।
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