
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लसूड़िया मोरी-केलोदहाला रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण धीमी रफ्तार से चल रहा है। अब तक सिर्फ 40 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। रेलवे के हिस्से का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। रविवार को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को बाधाएं जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
एमआर-12 रोड पर केलोदहाला फाटक के ऊपर 734 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा आरओबी बनाया जा रहा है। इसकी कुल लागत करीब 32 करोड़ रुपये है। शासन ने 14 जुलाई 2023 को वित्तीय स्वीकृति दी थी। निर्माण का ठेका मेसर्स केटी कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड को मिला है। लोक निर्माण विभाग काम करवा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नींव का काम पूरा हो चुका है। अभी सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर का काम चल रहा है, लेकिन रेलवे पोर्शन में काम शुरू न होने से प्रगति प्रभावित हो रही है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने रेलवे के डीआरएम अश्विन कुमार से फोन पर बात कर रेलवे वाला हिस्सा तुरंत शुरू कराने को कहा।
आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड और रिटेनिंग वाल का काम भी अतिक्रमण की वजह से रुका है। मंत्री ने आईडीए अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर अतिक्रमण हटाया जाए और निर्माण में आ रही अड़चनें शीघ्र दूर की जाएं। निरीक्षण के समय लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री जेके मीणा, एसडीओ मनोज जैन, पार्षद राकेश सोलंकी, सरपंच जितेंद्र डोडिया और जनपद पंचायत अध्यक्ष विश्वजीत सिंह सिसोदिया मौजूद थे।
मंत्री सिलावट ने कहा कि आरओबी को दिसंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है। इसके बनने से फाटक पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान भारी यातायात को देखते हुए यह पुल महत्वपूर्ण रहेगा। एमआर-12 के पूरी तरह चालू होने पर केलोदहाला आरओबी शहर की कनेक्टिविटी में बड़ी भूमिका निभाएगा।
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