
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विजय नगर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में लिप्त गैंग को बैंक खाते सप्लाई करने वाले नेटवर्क को तोड़ा है। ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत हुई कार्रवाई में पुलिस ने 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित दिलीप पांडे ने छह खाते 12 प्रतिशत कमीशन की दर से बेचना स्वीकार किया है। इसके बाद पुलिस ने एडवाइजरी फर्म पर छापा मारकर संचालक सहित 10 को पकड़ लिया।
डीसीपी जोन-2 अमनसिंह राठौड़ के अनुसार सूचना मिली थी कि बैंक में बीमा संबंधित काम करने वाला दिलीप पांडे साइबर ठगी के लिए खातों की सप्लाई कर रहा है। टीम ने ग्राहक बनकर दिलीप से संपर्क किया तो उसने शुभम शर्मा को छह खाते बेचना स्वीकारा।
शुभम की प्रिंसेस बिजनेस स्काई पार्क में द रैपिड इन्वेस्टर्स के नाम से एडवाइजरी फर्म है। पुलिस ने सोमवार रात उसके ऑफिस में दबिश दी और आरोपित शुभम सहित एजाज राजा खान, भरत भूषण कुशवाह, नरेश यादव, विजेंद्र सिंह, अमित मणी, रमणदीप भाटिया, नरेंद्र पाटीदार, अमित चौरसिया और योगेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपित दिलीप पुत्र जयप्रकाश पांडे ने आरोपित शुभम पुत्र अशोक शर्मा को खातों की सप्लाई की है। उसमें निवेशकों से ठगी राशि का लेनदेन किया जाता था। दिलीप ठगी की रकम में से 12 प्रतिशत कमीशन लेता था। पुलिस ने मौके से 20 सिमकार्ड, 17 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 3 सीपीयू और 1 हार्ड डिस्क जब्त की है। टीआई सीके पटेल के अनुसार पुलिस बैंक और वास्तविक खाताधारकों को भी बुला रही है। करीब 1 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन अभी तक की जांच में सामने आ चुका है।