
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली हेरिटेज ट्रेन के लिए अच्छी खबर है। इस ट्रेन के 12 कोच, जिनकी राजस्थान के बीकानेर में मरम्मत की गई थी, रविवार को लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। अब इन्हें पातालपानी पहुंचाया जाएगा। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर हेरिटेज ट्रेन यात्रियों को पहाड़ियों की सैर कराने के लिए रवाना होगी।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार के अनुसार लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से हेरिटेज ट्रेन के कोच को महू होते हुए पातालपानी तक ले जाया जाएगा। इसके बाद क्रेन की मदद से इन्हें ट्रैक पर उतारा जाएगा। इंजन के साथ सभी कोच का अलाइनमेंट किया जाएगा। ट्रायल रन के दौरान रैक, ट्रैक और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो जल्द ही ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा।
पातालपानी से कालाकुंड का लगभग 9.5 से 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज रेलवे ट्रैक 155 साल से अधिक पुराना है। इसकी योजना 19वीं सदी में इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजी राव होलकर द्वितीय ने बनाई थी। यह ऐतिहासिक लाइन 1878 में होलकर स्टेट रेलवे के तहत पूरी हुई थी। महाराजा ने 1870 में इस रेल लाइन के निर्माण की पहल की थी।
बाद में यह खंड राजपूताना-मालवा रेलवे का हिस्सा बन गया था। यह खंड ऐतिहासिक डॉ. अंबेडकर नगर (महू)-खंडवा मीटर गेज मार्ग का एक हिस्सा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे ब्राडगेज में बदलना संभव नहीं था। रेलवे ने 2018 में इस हिस्से को संरक्षित कर हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू किया। पहली हेरिटेज ट्रेन 25 दिसंबर 2018 को चलाई गई थी।
पिछले साल ट्रेन में दो वातानुकूलित चेयरकार सी-1, सी-2 और चार सामान्य चेयरकार डी-1, डी-2, डी-3, डी-4 शामिल थीं। एक तरफ की यात्रा के लिए वातानुकूलित चेयरकार का किराया 265 रुपये और सामान्य चेयरकार का किराया 20 रुपये प्रति टिकट निर्धारित था।
पातालपानी से कालाकुंड का ट्रैक रोमांच से भरा है। इसमें चार सुरंगें, करीब 24 मोड़, छह बड़े और 35 छोटे पुल हैं। एक तरफ पहाड़ और घने जंगल हैं, जबकि दूसरी तरफ घाटियां और झरने इस यात्रा को खास बनाते हैं। वर्षा के मौसम में पातालपानी का झरना और आसपास की हरियाली खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।
पिछले साल हेरिटेज ट्रेन का संचालन 26 जुलाई से 16 नवंबर तक हर शुक्रवार से रविवार तक किया गया था। इस साल कोच की मरम्मत में समय लगने के कारण इसका संचालन देरी से शुरू हो रहा है।
यह भी पढ़ें- एमपी के लिए मानसून का खास तोहफा... फिर पटरी पर दौड़ेगी पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन, जानें किराया और समय