
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : स्वामित्व योजना में जिम्मेदारी तय करने को लेकर पटवारियों और राजस्व विभाग के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। देवास में तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने के बाद बुधवार को इंदौर में करीब 320 पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़कर विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश संगठन के आह्वान पर पटवारियों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों से भी अलग रहने का ऐलान किया है। इससे राजस्व विभाग के ऑनलाइन और राजस्व कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है। पटवारियों का विरोध स्वामित्व योजना में उन्हें निष्पादन अधिकारी बनाए जाने को लेकर है।
संघ का कहना है कि पटवारी जमीन के मालिक या टाइटल होल्डर नहीं होते। इसके बावजूद योजना के तहत दस्तावेजों में निष्पादन की भूमिका दिए जाने से भविष्य में जमीन के स्वामित्व, रजिस्ट्री या फर्जीवाड़े से जुड़े विवाद सामने आने पर कानूनी जिम्मेदारी पटवारियों पर आ सकती है।
पटवारी संघ के अनुसार, योजना शुरू होने के समय से ही इस जिम्मेदारी का विरोध किया जा रहा है। आपत्तियों के बावजूद व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया। देवास में काम नहीं करने पर तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया और बुधवार को विरोध का अगला चरण शुरू किया गया।
जिला पटवारी संघ के पदाधिकारियों मनोज परिहार, नवीन वसुनिया, लोकेश नंदवाल ने बताया कि संगठन के निर्णय के तहत पटवारी सभी शासकीय व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर हो गए हैं। ऑनलाइन राजस्व कार्यों से भी दूरी बनाई गई है।
यह भी पढ़ें- MP में 48 लाख रजिस्ट्रियों पर ब्रेक, स्वामित्व योजना में पटवारियों का इनकार, 3800 करोड़ की योजना उलझी