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इंदौर में जीएसटी चोरी की आड़ में पुलिस पकड़ रही गाड़ियां, विभाग बोला- न जांच के आदेश दिए, न कार्रवाई के लिए बोला

पुलिस की कार्रवाई पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारी सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल रुकी हुई गोदाम में खड़ी गाड़ियों की जांच जीएसटी भी नहीं करता। ट्रांसपोर्टर औ...और पढ़ें

By Lokesh SolankiEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 03 Jul 2026 08:13:47 AM (IST)Updated Date: Fri, 03 Jul 2026 08:13:47 AM (IST)
इंदौर में जीएसटी चोरी की आड़ में पुलिस पकड़ रही गाड़ियां, विभाग बोला- न जांच के आदेश दिए, न कार्रवाई के लिए बोला
थाने पर करीब 20 घंटे तक खड़े रहे ट्रक। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. जीएसटी चोरी के आरोप में परदेशीपुरा पुलिस ने दो ट्रकों को जब्त कर लिया और ड्राइवरों को भी हिरासत में ले लिया
  2. स्टेट जीएसटी ने ना तो गाड़ियों की जांच के आदेश दिए ना ही पुलिस से ऐसी किसी कार्रवाई के लिए आग्रह किया था
  3. पुलिस की कार्रवाई पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारी सवाल खड़े कर रहे हैं, दरअसल रुकी हुई गोदाम में खड़ी गाड़ियों की जांच जीएसटी भी नहीं करता

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जीएसटी चोरी के आरोप में परदेशीपुरा पुलिस ने दो ट्रकों को जब्त कर लिया। ट्रक जब्त करने के साथ ड्राइवरों को भी हिरासत में ले लिया गया। जबकि स्टेट जीएसटी ने ना तो गाड़ियों की जांच के आदेश दिए ना ही पुलिस से ऐसी किसी कार्रवाई के लिए आग्रह किया था।

पुलिस की कार्रवाई पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारी सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल रुकी हुई गोदाम में खड़ी गाड़ियों की जांच जीएसटी भी नहीं करता। ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों ने शोर मचाया तो पुलिस ने 24 घंटे बाद ड्राइवरों को छोड़ा। जीएसटी विभाग ने साफ कर दिया है कार्रवाई से उसका संबंध नहीं है ना ही कार्रवाई के लिए तय एसओपी का पालन हुआ है।


परदेशीपुरा में एक ट्रांसपोर्टर के गोदाम से दो ट्रकों को परदेशीपुरा पुलिस ने बुधवार को जब्त किया और थाने ले आई। पुलिस ने जीएसटी चोरी का आरोप लगाया। हालांकि स्टेट या सेट्रल जीएसटी को ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी। ट्रक के ड्राइवरों को भी थाने में रख लिया गया। ट्रांसपोर्टर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परेशान करने के लिए 24 घंटे तक ट्रक पकड़े हैं। ड्राइवरों को भी अवैध हिरासत में रखा। जीएसटी के नियम में पांच करोड़ या इससे अधिक की कर चोरी उजागर होने पर ही गिरफ्तारी के प्रविधान है।पुलिस द्वारा एक दिन बाद जीएसटी विभाग को सूचना देने की बात कही गई जबकि नियमानुसार ऐसा किया नहीं जा सकता।

एसओपी का पालन नहीं

स्टेट जीएसटी की ओर से किसी भी वाहन व कर चोरी की जांच के लिए अप्रैल में ही एसओपी जारी की गई है। स्टेट जीएसटी ने बिना ठोस सबूत के गाड़ियों या किसी भी व्यापारी के ठिकानों पर जांच पर रोक लगा रखी है। एसओपी के अनुसार किसी भी वाहन को कर चोरी के शक में रोकने के आधे घंटे के भीतर जीएसटी के आनलाइन पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना जरुरी है। साथ ही सक्षम जीएसटी अधिकारी ही जांच कर सकता है।

गाड़ी रोकने के कई घंटों या दिनों बाद विभाग को सूचना देने पर विभाग जांच अधिकारी की नियुक्ति नहीं करेगा। जीएसटी आयुक्त ने अधिकारियों को भी ऐसी किसी जांच को नियमविरुद्ध माना है और अधिकारियों को जांच में शामिल होने के लिए अनुमति देने से इनकार किया है। जीएसटी का पक्ष स्पष्ट होने के बाद ट्रांसपोर्टरों आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस जीएसटी की आड़ में वसूली के लिए परेशान कर रही है।

नियमों में नहीं ऐसी जांच

जीएसटी में अभी बिना पूर्वानुमति के गाड़ियों की जांच पर रोक लगी है। गोदाम या खड़ी गाड़ियों की जांच नहीं हो सकती। स्पष्ट एसओपी भी जारी है जिसमें सक्षम अधिकारी जांच करेंगे ना कि पुलिस। ताजा कार्रवाई में भी विभाग के अधिकारी नहीं थे। ऐसे में पूरी जांच संदिग्ध है। पीड़ित व्यापारी चाहे तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। -अश्विन लखोटिया, अध्यक्ष मप्र टैक्स ला बार एसोसिएशन

कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है

परसो रात को मुखबिर के द्वारा सूचना मिली थी कि दो गाड़ियां सूरत से आई है। जीएसटी के दस्तावेज अपूर्ण है या फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। वाणिज्यिककर विभाग के सहायक आयुक्त को सूचना देकर बाद में गाड़िया सुपुर्द कर दी है। पुलिस द्वारा कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। -अमनसिंह राठौर, डीसीपी जोन-2

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