
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नववर्ष-2026 के आगमन के साथ इंदौर पुलिस की ताकत में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। बढ़ती आबादी और शहर के बढ़ते क्षेत्रफल को देखते हुए पुलिस विभाग अब दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों की तर्ज पर खुद को अपडेट कर रहा है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के अनुसार, इंदौर कमिश्नरेट में अब अपराधों की जांच में विशेषज्ञता लाने के लिए विशेष इकाइयों का गठन किया जा रहा है। इसमें होमोसाइड यूनिट, साइबर यूनिट और साइबर क्राइम यूनिट जैसी महत्वपूर्ण शाखाएं शामिल हैं, जो अपराधों की जांच को तकनीक और गति प्रदान करेंगी।
पुलिस कमिश्नरेट में अब 'होमोसाइड यूनिट' (Homicide Unit) एक विशेष इकाई के रूप में कार्य करेगी। इस यूनिट का मुख्य दायित्व हत्या, संदिग्ध मौत और कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) जैसे संवेदनशील प्रकरणों की गहराई से जांच करना होगा। सूचना मिलते ही यह टीम मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सील करेगी और फिंगरप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज व खून के नमूनों जैसे साक्ष्य जुटाएगी। प्रशिक्षित विशेषज्ञ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण करेंगे और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से कॉल डिटेल व इंटरनेट मीडिया गतिविधियों की जांच कर विवाद की तह तक पहुंचेंगे।
डिजिटल ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम यूनिट की तैयारी को प्राथमिकता दी गई है। आयुक्त के अनुसार, चारों डीसीपी (DCP) के अंतर्गत आने वाले एक-एक थाने में साइबर क्राइम यूनिट तैयार की जाएगी। इससे साइबर से जुड़े अपराधों की रिपोर्टिंग और जांच की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और त्वरित हो सकेगी। तकनीक आधारित यह विशेषज्ञता आम नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने में कारगर साबित होगी।
शहर के विस्तार को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तीन नए थाने खोलने का निर्णय लिया है। ये नए थाने चंदन नगर, बाणगंगा और लसूड़िया जैसे बड़े क्षेत्रों में खोले जाएंगे। इसके साथ ही, तिलक नगर, द्वारकापुरी और गांधी नगर जैसे थानों में महसूस की जा रही बल की कमी को भी नए साल में दूर किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य न केवल थानों की संख्या बढ़ाना है, बल्कि वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।