Pollution in Indore: इंदौर शहर की आबोहवा में 'जहर' घोल रहा गांवों का धुआं
Pollution in Indore: इंदौर शहर में रविवार सुबह शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 235 के स्तर पर पहुंच गया था। ...और पढ़ें
By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 05 Apr 2021 07:15:29 AM (IST)Updated Date: Mon, 05 Apr 2021 07:36:56 AM (IST)

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि), Pollution in Indore। हर शनिवार रात से लग रहे लाकडाउन के बाद भी शहर में प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आ रही है। वहीं पराली जलाने से भी प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 235 के स्तर पर पहुंच गया था। इसमें पीएम 10 और पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर 400 से अधिक था, जबकि इसका औसत 209 और 235 था और न्यूनतम 115 और 60 माइक्रोग्राम था। शहर में बीते कुछ माह से लगातार प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अधिकारी भी इसे रोक नहीं पा रहे हैं। पहले रेलवे स्टेशन के सामने चल रहे निर्माण कार्य को इसका कारण बताया गया, लेकिन अब इसका काम पूरा हो गया है फिर भी प्रदूषण में कमी नहीं आ रही है। रोजाना रात में प्रदूषण बढ़ रहा है।
रोक लगाना बहुत जरूरी : बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि शहर के आसपास ग्रामीण इलाकों में खेतों में पराली जलाई जा रही है, जिससे धुआं और प्रदूषण हो रहा है। इस पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है। शहर में बीते नवंबर से प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। अब पराली से इसमें और इजाफा हो रहा है। हवा चलने से पराली के कण उड़ते हैं और शहर में आ जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी हर साल यही हाल
गौरतलब है कि पराली जलाने से हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। आसपास के गांवों के किसान फसल काटने के बाद खेतों को साफ करने के लिए उसमें आग लगा देते हैं। जिससे धुआं तो उड़ता ही है, जली हुई पराली भी उड़ती है। यह काफी घातक होती है। उत्तर भारत में इसका काफी असर देखने को मिलता है। वहां जलाई गई पराली का असर प्रदेश के ग्वालियर तक देखने को मिलता है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देकर पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कहा है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब होती है।