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इंदौर जिले में तालाब-चेकडैम सूखे, नलकूपों ने भी छोड़ा साथ; बोवनी का संकट

बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए नलकूप और तालाबों पर निर्भर हैं। ऐसे में अभी से जलस्रोत कमजोर पड़ने से आगे की स्थिति को लेकर किसानों की चिंता बढ़ ग...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 08:35:23 AM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 08:47:51 AM (IST)
इंदौर जिले में तालाब-चेकडैम सूखे, नलकूपों ने भी छोड़ा साथ; बोवनी का संकट
नदी एवं स्टाफ डेम पड़े हैं सूखे।

HighLights

  1. सितंबर में होने वाली लहसुन-आलू की बोवनी प्रभावित हो रही है
  2. बड़ी चिंता अक्टूबर में शुरू होने वाली गेहूं और चने की बोवनी को लेकर
  3. इस बार गंभीर और चंबल नदी एक बार भी उफान पर नहीं आईं

प्रेम जाट, नईदुनिया इंदौर। इंदौर जिले में इस बार कम बारिश का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। सितंबर खत्म होने को है, लेकिन कई गांवों में तालाब और चेकडैम खाली हैं। जिन नलकूपों के भरोसे किसान रबी की फसल की तैयारी कर रहे थे, वे भी जवाब देने लगे हैं। कहीं मोटर चलाने पर हवा निकल रही है तो कहीं कुछ मिनट बाद पानी बंद हो रहा है।

कई जगह आधे घंटे बाद पानी का प्रवाह ही खत्म हो रहा है। ऐसे हालात में सितंबर में होने वाली लहसुन-आलू की बोवनी प्रभावित हो रही है। कनाड़िया क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौहानखेड़ी स्थित खेमाना तालाब में पानी नहीं है। देपालपुर क्षेत्र के गिरोता, चरवाड़ा, मरकोदा और सांवेर के डकाच्या, लसूड़िया परमार सहित कई गांवों में किसान लहसुन की बोवनी को लेकर असमंजस में हैं।


सबसे बड़ी चिंता अक्टूबर में शुरू होने वाली गेहूं और चने की बोवनी को लेकर है। जिले में बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए नलकूप और तालाबों पर निर्भर हैं। ऐसे में अभी से जलस्रोत कमजोर पड़ने से आगे की स्थिति को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान नेता दिलीप सिंह पंवार और राजेश दांगी का कहना है कि देपालपुर, सांवेर, कनाड़िया सभी क्षेत्रों में बोरिंग पानी नहीं दे रहे।

इससे आलू और लहसुन की बोवनी करने में किसानों को परेशानी आ रही है। गंभीर और चंबल नदी एक बार भी पूर नहीं आईं और यहां के सभी चेकडैम खाली हैं। उप संचालक कृषि संदीप यादव का कहना है कि कम वर्षा को देखते हुए एक से 15 अक्टूबर तक कम पानी वाली फसलों के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारी गांव-गांव पहुंचेंगे।

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फसलों में पानी की जरूरत

  • लहसुन : छह से सात पानी
  • आलू : चार से पांच पानी
  • प्याज : पांच से छह पानी
  • गेहूं : तीन से चार पानी
  • चना : एक से दो पानी
  • सरसों : एक से दो पानी

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किसानों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे

पूरे संभाग में कम वर्षा हुई है और इससे आगामी फसलें प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए कम पानी वाली दलहन और तिलहन फसल की बोवनी की किसानों को सलाह दी जा रही है। इसके लिए किसानों से संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। - जितेंद्र सिंह, संयुक्त संचालक कृषि, इंदौर संभाग