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इंदौर में त्योहारों से पहले बिजली संकट दूर, 90 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध बिजली, लगा नया ट्रांसफार्मर

त्योहारों के ठीक पहले मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने जीआइएस महालक्ष्मी नगर सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर शुक्र...और पढ़ें

By Lokesh SolankiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 09:36:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 09:36:15 PM (IST)
इंदौर में त्योहारों से पहले बिजली संकट दूर, 90 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध बिजली, लगा नया ट्रांसफार्मर
महालक्ष्मी नगर सब स्टेशन।

HighLights

  1. इंदौर की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता पहुंची 1366 MVA
  2. महालक्ष्मी नगर सब स्टेशन में लगा 50 MVA ट्रांसफार्मर
  3. ट्रांसमिशन कंपनी ने रिकॉर्ड समय में पूरा किया काम

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गर्मी के दौर से लगातार ओवरलोड चल रहे महालक्ष्मी नगर बिजली सब स्टेशन की क्षमता आखिरकार बढ़ा दी गई है। त्योहारों के ठीक पहले मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने जीआइएस महालक्ष्मी नगर सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर शुक्रवार को इसे उर्जीकृत कर दिया गया।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि दशहरा और दीपावली पर्व के दौरान बिजली की बढ़ती मांग अब बिना रुकावट पूरी होगी। इस सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। इंदौर शहर की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 1366 एमवीए हो गई है।


3 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ काम

मई माह में ही नईदुनिया ने सब स्टेशनों के ओवरलोड का खुलासा किया था। दरअसल सब स्टेशनों के 100 प्रतिशत क्षमता से लगातार आपूर्ति करने के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। नईदुनिया ने खुलासा किया था कि आमतौर पर 75-80 प्रतिशत क्षमता तक मांग पहुंचने के बाद किसी भी बिजली ग्रिड की क्षमता वृद्धि कर दी जाती है।

बीते साल ही यह सबस्टेशन इस क्षमता से आपूर्ति कर रहा था लेकिन इसके बाद भी क्षमता वृद्धि की ओर ध्यान ही नहीं दिया गया। बिजली वितरण कंपनी और ट्रांसमिशन कंपनी में समन्वय की कमी इसके लिए जिम्मेदार रही। इससे आने वाले समय में क्षेत्र में लोड बढ़ने पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका बन गई है।

यह भी पढ़ें- भोपाल में मॉकड्रिल के दौरान हादसा, दमकल की गाड़ी ने महिला का पैर रौंदा, 200 व्यापारियों ने अमले को घेरा

इसके बाद पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रस्ताव बनाया और प्रस्ताव सरकार को भेजा। आपात स्थिति देखते हुए भोपाल ने तुरंत मंजूरी दी और अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर इंदौर को आवंटित कर दिया गया। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी के अनुसार ट्रांसमिशन कंपनी ने महज तीन महीने के रिकॉर्ड समय में नए पावर ट्रांसफार्मर के इंस्टालेशन से लेकर चार्जिंग तक का काम पूरा किया।

इंदौर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों और 90 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

ग्रिड की क्षमता वृद्धि से इंदौर की विद्युत वितरण क्षमता बढ़ गई है। इससे सीधे तौर पर महालक्ष्मी नगर सब स्टेशन से जुड़े व्यावसायिक एवं घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। सब स्टेशन से 33 केवी के 7 फीडरों के माध्यम से पश्चिमी इंदौर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगभग 90 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विभिन्न फीडरों के माध्यम से बेस्ट प्राइस, शालीमार टाउनशिप, इन्फोटेल, स्कीम नंबर 134, डीबी अपोलो, महालक्ष्मी नगर क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जाती है।

गर्मियों में संभावित बढ़ोतरी के चलते क्षमता में वृद्धि

ट्रांसको इंदौर के अधीक्षण अभियंता जयेश चोपड़ा ने बताया कि एमपी ट्रांसको इंदौर शहर में 12 अति उच्च दाब सब स्टेशनों के माध्यम से पारेषण व्यवस्था संचालित करती है। इनमें 220 केवी के पांच और 132 केवी के सात सब स्टेशन शामिल हैं।

पिछले वर्ष अक्टूबर में इंदौर शहर का अधिकतम विद्युत भार लगभग 610 मेगावाट था, जो इस त्यौहार के मौसम में बढ़कर करीब 714 मेगावाट तक पहुंच गया है। वहीं, इस वर्ष 25 मई को इंदौर की अब तक की सर्वाधिक 894 मेगावाट विद्युत मांग दर्ज की गई थी। आगामी गर्मियों में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए भी क्षमता वृद्धि जरूरी हो गई थी।