
नीरज व्यास, नईदुनिया, इंदौर। आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति अब डिजिटल तकनीक से जुड़ने जा रही है। इंदौर के शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में धन्वंतरि जयंती से नई व्यवस्था शुरू होगी। इसके तहत ओपीडी पर्ची पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही मरीज पंचकर्म की विभिन्न प्रक्रियाओं के वीडियो देख सकेंगे।
साथ ही अपनी दिनचर्या, खानपान, जीवनशैली और मानसिक तनाव से जुड़ी जानकारी भी आनलाइन दर्ज कर सकेंगे। पंचकर्म विभाग की ओपीडी पर्ची पर स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, बस्ति, नस्य और रक्तमोक्षण जैसी प्रक्रियाओं के अलग-अलग क्यूआर कोड दिए गए हैं। इन्हें स्कैन करने पर मरीज संबंधित प्रक्रिया के वीडियो देख सकेंगे।
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इससे उपचार से पहले ही उन्हें प्रक्रिया की जानकारी मिल जाएगी और मन में मौजूद आशंकाएं दूर होंगी।पर्ची पर दिए गए दूसरे क्यूआर कोड से मरीज डिजिटल हेतु पत्रक भर सकेंगे। इसमें 24 घंटे की दिनचर्या, आहार-विहार, पुरानी बीमारियों और मानसिक तनाव की जानकारी दर्ज होगी।
चिकित्सक इसके आधार पर रोग के मूल कारण और रोगोत्पत्ति की प्रक्रिया समझकर उपचार तय कर सकेंगे। पंचकर्म विभागाध्यक्ष डा. अजीत कुमार ओझा के अनुसार इससे मरीजों की सहभागिता बढ़ेगी और उपचार को समझना आसान होगा।