
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: भागीरथपुरा के बहाने भाजपा की आंतरिक उठापटक चरम पर है। कैलाश विजयवर्गीय और पुष्यमित्र भार्गव के बाद अब सांसद शंकर लालवानी भी निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर चल रहा कि भागीरथपुरा दूषित पानी कांड से वे पूरी तरह से गायब हैं।
भागीरथपुरा घटना को लेकर सांसद का न कोई बयान आया न ही उन्होंने कोई दौरा किया। न पीड़ित परिवारों से मुलाकात की न प्रशासन से सवाल पूछा। यद्यपि सांसद ने उनके भ्रमण के फोटो जारी करके इसे गलत बताया है।
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इस मामले में सांसद शंकर लालवानी का कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है। उनकी इस अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर लोग जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि सवाल यह नहीं है कि प्रशासन ने गलती की या नहीं, सवाल यह है कि शहर का चुना हुआ प्रतिनिधि हैं कहां। इधर कांग्रेस ने भी मामले में सांसद को घेरा है।
गौरतलब है कि इसके पहले केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मीडियाकर्मी को कहे गए अपशब्द और महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा मुख्यमंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा आहूत बैठक में अधिकारी नहीं सुनते वाले वक्तव्य को लेकर भाजपा संगठन नाराजगी जता चुका है। हालांकि केबिनेट मंत्री ने घटना वाले दिन ही इंटरनेट मीडिया पर खेद व्यक्त कर दिया था। ताजा मामला सांसद शंकर लालवानी की अनुपस्थिति का है।
मैं हादसे के अगले दिन भागीरथपुरा गया था। इसके बाद जब मुख्यमंत्री इंदौर आए थे तो उनके साथ निजी अस्पताल और एमवायएच में मरीज़ों को देखने गया था। रेसीडेंसी कोठी में उच्च स्तरीय बैठक में भी शामिल हुआ। शनिवार को भी मैं भागीरथपुरा गया था। दुखद घड़ी है इसलिए मैंने अपने दौरे की जानकारी सोशल मीडिया पर नहीं डाली।
-शंकर लालवानी सांसद इंदौर