डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए सुरक्षा निर्देशों में राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या पर बनी वर्मा कमीशन की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को संभालने और आने-जाने के रास्तों (एंट्री-एक्जिट पॉइंट) के लिए आयोजकों की भी पुलिस के साथ संयुक्त ज़िम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश का आरोप
शनिवार को कांग्रेस नेता की छात्रों के साथ बैठक से पहले इसे लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी बीजेपी शहर में गांधी के युवाओं से जुड़ने के कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के अनुसार, पुलिस के सुरक्षा शर्तों वाले दस्तावेज में कहा गया है कि वर्मा कमीशन की रिपोर्ट में कार्यक्रम के आयोजकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका का बहुत गहराई और विस्तार से विश्लेषण किया गया है और कमीशन ने स्पष्ट किया था कि 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में हुई घटना में सुरक्षा चूक का मुख्य कारण आयोजकों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया था।
पहली बार पुलिस ने राजीव गांधी की हत्या का जिक्र किया है
पूर्व प्रधानमंत्री और राहुल के पिता राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती बम धमाके में कर दी गई थी। वर्मा कमीशन का काम उन सुरक्षा खामियों की जांच करना था जिनकी वजह से यह हत्या हुई।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि यह पहली बार है जब पुलिस ने पार्टी के किसी कार्यक्रम के लिए सुरक्षा शर्तों वाले दस्तावेज में राजीव गांधी की हत्या का जिक्र किया है और इससे सत्ताधारी बीजेपी के इरादे जाहिर होते हैं।
बीजेपी पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप
पटवारी ने कहा, पहले सरकार ने राहुल गांधी की SPG सुरक्षा वापस ले ली (2019 में) और अब उनके कार्यक्रम की अनुमति देते समय उनके पिता की हत्या का हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है।
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोप को खारिज किया
राज्य बीजेपी प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने इस आरोप को खारिज किया और दावा किया कि कांग्रेस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या और अन्य विवरणों के बारे में पुलिस और प्रशासन को सही जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए वर्मा कमीशन की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। वरना, अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो कांग्रेस तुरंत सरकार पर दोष मढ़ेगी।
राहुल गांधी को Z-प्लस सुरक्षा मिली हुई है
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राजेश डंडोतिया ने बताया कि राहुल गांधी को Z-प्लस सुरक्षा मिली हुई है और पुलिस अधिकारी सुरक्षा इंतजामों को लेकर आयोजकों के साथ बैठकें कर रहे थे। उन्होंने कहा, इस दस्तावेज में वर्मा कमीशन की रिपोर्ट का जिक्र किया गया है, जिसमें ऐसे कार्यक्रमों के आयोजकों की जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया है।
1,500 वॉलंटियर तैनात करें, जिनमें 500 महिलाएं हों
कांग्रेस के अनुसार, पुलिस की सुरक्षा शर्तों में यह जरूरी है कि आयोजक कम से कम 1,500 वॉलंटियर तैनात करें, जिनमें कम से कम 500 महिलाएं हों। साथ ही, अगर भीड़ मंजूर की गई क्षमता से ज्यादा हो जाती है, तो पुलिस को लोगों के आने-जाने पर रोक लगाने का अधिकार होगा।
पार्टी ने बताया कि इन शर्तों में यह भी कहा गया है कि कोई भी आपत्तिजनक या भड़काऊ तस्वीर, बैनर, पोस्टर या होर्डिंग नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही, किसी भी धर्म, जाति, समुदाय या राजनीतिक या गैर-राजनीतिक संगठन के खिलाफ ऐसी कोई भड़काऊ या अपमानजनक बात नहीं कही जाएगी जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।