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इंदौर में कहीं लाइन तो कहीं डायवर्शन की खींचतान में अटके रेलवे ओवर ब्रिज और फ्लाईओवर

इंदौर शहर में आईडीए, पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी द्वारा सात आरओबी और छह फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 11:06:52 AM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 11:18:44 AM (IST)
इंदौर में कहीं लाइन तो कहीं डायवर्शन की खींचतान में अटके रेलवे ओवर ब्रिज और फ्लाईओवर
मुसाखेडी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य धीमी गति से जारी है।

HighLights

  1. विभागों के बीच सामंजस्य की कमी से अटका काम
  2. तीन साल से खामियाजा भुगत रही जनता
  3. रेडिसन चौराहे पर भी फ्लाईओवर की योजना

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवर ब्रिज और फ्लाईओवर खुद विभागीय असमन्वय के शिकार हो गए हैं। कहीं नगर निगम की पानी-सीवरेज लाइन नहीं हट रही, कहीं रेलवे के हिस्से का निर्माण अटका है तो कहीं ट्रैफिक डायवर्शन के लिए प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है।

नतीजा यह कि कई प्रोजेक्ट तय समय सीमा पार कर चुके हैं, लेकिन निर्माण की गति बढ़ने के बजाय बाधाएं लगातार बढ़ रही हैं। जनता को तीन साल से जाम और डायवर्शन झेलना पड़ रहा है।

शहर में आईडीए, पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी द्वारा सात आरओबी और छह फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। दो प्रोजेक्ट टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हुए। रिंग रोड के रोबोट और रेडिसन चौराहे पर भी फ्लाईओवर की योजना बन रही है।


सभी का काम धीमी गति से चल रहा है और आधी प्रगति के बाद भी बाधाएं नहीं हटीं। संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने हाल ही में सभी एजेंसियों की बैठक लेकर आपसी सामंजस्य से काम पूरा करने और बाधाएं हटाने के लिए लगातार समीक्षा के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस है।

लाइन शिफ्टिंग बनी रोड़ा

राजेंद्र नगर आरओबी के लिए नगर निगम की पेयजल लाइन स्थानांतरित होना है। बाणगंगा और माल गोदाम आरओबी में भी लाइन शिफ्टिंग की समस्या से काम लटका है। मांगलिया आरओबी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र को जोड़ने वाला अहम प्रोजेक्ट है, लेकिन यहां रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा। रेलवे हिस्से का काम देरी से होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा है।

योजना बनी, काम अटका

बड़ा गणपति चौराहा पर फ्लाईओवर की योजना दो साल पहले बनी थी, लेकिन लाइन शिफ्टिंग में देरी से काम आगे नहीं बढ़ा। चंदन नगर में भी बिजली-पानी की लाइन के कारण निर्माण रुका है। आइडीए और नगर निगम के बीच देरी से सामंजस्य बनने से बड़ा गणपति फ्लाईओवर की आधी समय सीमा बीत चुकी है।

जरूरत छह की, तीन लेन में उलझा प्रोजेक्ट

कैलाद हाला क्रासिंग पर एमआर-12 को देखते हुए छह लेन आरओबी की जरूरत है। आइडीए ने छह लेन का प्रस्ताव दिया, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पहले ही तीन लेन प्रस्तावित कर दिए। अब आइडीए भी तीन लेन बनाएगा, पर पीडब्ल्यूडी का काम पूरा न होने से शुरुआत नहीं हो पा रही। तीनों एजेंसियों की अलग-अलग प्लानिंग से इस व्यस्त क्रासिंग पर रोज लंबा जाम लग रहा है।

यहां पर भी समस्याएं कायम

  • केसरबाग आरओबी : निर्माण अतिक्रमण के कारण प्रभावित है। बाधाएं हटाने में देरी का सीधा असर प्रोजेक्ट की गति पर पड़ रहा है।
  • देवास नाका : देवास नाका फ्लाईओवर में चौराहे और देवास नाका की ओर निर्माण पूरा करने के लिए यातायात डायवर्ट करना जरूरी है। प्रशासन स्तर पर प्रक्रिया लंबित होने से काम प्रभावित है।
  • मूसाखेड़ी : मूसाखेड़ी चौराहे के निर्माण में भी बाधाओं के कारण गति नहीं बढ़ सकी। सर्विस रोड पर आ रहा मंदिर हाल ही में हटाया गया।
  • सत्यसाईं और आईटी पार्क चौराहा : सत्यसाईं चौराहा और आइटी पार्क चौराहा पर भी निर्माण से जुड़ी बाधाएं अब तक पूरी तरह नहीं हटाई गई हैं। इसका असर काम की गति पर पड़ रहा है।
  • एलिवेटेड कॉरिडोर : एलआईजी चौराहा से नौलखा तक बनाए जाने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर अटका हुआ है। निर्माण के लिए एलआईजी की तरफ से पतरे तो लगा दिए, लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा है। यह प्रोजेक्ट भी तीन साल से अधिक समय से सिर्फ कागजों और बैठकों में बन रहा है।

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