
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: नियम तोड़ने वालों पर इंदौर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। 2025 में चालानी कार्रवाई के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए है। बावजूद इसके वर्ष 2025 में शहर में कुल 3384 दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 252 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं।
इसके अलावा 2730 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 29 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद वाहन चालक हेलमेट पहनने को तैयार नहीं है। सड़कों पर बिना हेलमेट वाहन चालक ज्यादा नजर आते हैं।
आइटीएमएस कैमरों की मदद से नियम उल्लंघन अब सीधे कैमरे में कैद हो रहा है और चालान की सूचना वाहन चालकों के मोबाइल पर नोटिस के रूप में भेजी जा रही है। शहर में करीब 1 लाख 12 हजार, 938 चालान बनाए गए, जो पिछले साल की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा हैं।
हेलमेट, गलत नंबर प्लेट या अपठनीय और रान्ग पार्किंग पर सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई, तो आइटीएमएस कैमरों के जरिए 22 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली होगी। इतना ही नहीं चालान के रूप में इंदौर के वाहन चालकों ने करीब साढ़े 5 करोड़ रुपए सीधे जुर्माने के तौर पर चुकाए हैं। अगर इसमें आइटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम) कैमरों से बने चालानों की संभावित राशि जोड़ दी जाए, तो यह आंकड़ा 22 करोड़ 45 लाख रुपए के आसपास पहुंच जाता है।
ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि कैमरा आधारित निगरानी से न केवल कार्रवाई तेज हुई है। सख्ती, तकनीक और लगातार निगरानी इसकी सबसे बड़ी वजह है। लोगों में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है।
नियम पालन इंदौर में चालान की कार्रवाई दो तरीकों से की जाती है। पहला, मौके पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा मैन्युअल चालान और दूसरा आइटीएमएस कैमरों के जरिए आटोमैटिक ई-चालान। कैमरों से नियम तोड़ने वालों की तस्वीरें रिकॉर्ड होती है और वाहन मालिक के मोबाइल पर मैसेज के जरिए चालान की सूचना भेज दी जाती है। तय समय में चालान नहीं भरने पर मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है, जहां केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक पेनल्टी तय की जाती है।
वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के बने है। वर्ष 2024 में जहां बिना हेलमेट के सिर्फ 3 हजार 233 चालान बने थे। वहीं, 2025 में यह आंकड़ा उछलकर 53 हजार 893 तक पहुंच गया। यानी दोपहिया चालकों की लापरवाही पर पुलिस की सख्ती साफ नजर आई।
दूसरे नंबर पर रही गलत या अपठनीय नंबर प्लेट नंबर प्लेट के चालान। 2024 में इस उल्लंघन पर महज एक हजार 099 चालान बने थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 14 हजार 073 हो गई।
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वहीं, रान्ग पार्किंग के मामलों में भी बड़ा इजाफा हुआ। पिछले साल 3 हजार 785 चालान के मुकाबले इस साल 10 हजार 608 चालान काटे गए। काली फिल्म लगाने पर भी कार्रवाई तेज रही और चालान 578 से बढ़कर चार हजार 437 तक पहुंच गए।
| उल्लघंन | 2024 | 2025 |
|---|---|---|
| बिना हेलमेट | 3,233 | 53,893 |
| रान्ग पार्किंग | 3,785 | 10,608 |
| गलत नं. प्लेट | 1,099 | 14,073 |
| काली फिल्म | 578 | 4,437 |
| कुल संख्या | 26,171 | 1,12,938 |
सभी आंकड़े यातायात पुलिस के अनुसार
आइटीएमएस ने इस पूरी कार्रवाई में बड़ी भूमिका निभाई। वर्ष 2025 में आइटीएस के जरिए 7 लाख 22 हजार 743 चालान बनाए गए, जिनमें करीब 22 करोड़ 29 लाख 74 हजार रुपए की वसूली का लक्ष्य था। हालांकि हकीकत में सिर्फ 85 हजार 977 वाहन चालकों ने ही अपने चालान भरे, जिससे करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपए की ही वसूली हो सकी।