
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : दीपावली और छठ पूजा का त्योहार पास आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। खासकर उत्तर भारत के बिहार जाने वाले यात्रियाें के लिए इस बार त्योहार पर घर पहुंचना चुनौती बनता जा रहा है।
दीपावली के दौरान ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बाद अब छठ पूजा के लिए घर जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि 11 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस में स्लीपर से लेकर प्रथम श्रेणी (फस्र्ट एसी) तक सभी श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति है। यानी अब इन श्रेणियों में सामान्य वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों के पास सिर्फ बसों से पहुंचने का ही विकल्प है।
इंदौर के अलावा उज्जैन, नागदा, भोपाल और खंडवा से उत्तर भारत व बिहार जाने वाली ट्रेनों में भी अधिकांश श्रेणियों में लंबी वेटिंग या रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। खंडवा, नागदा व भोपाल से पटना और मुजफ्फरपुर जाने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना बहुत मुश्किल हो गया है।
वहीं, मुंबई से चलकर खंडवा होते हुए पटना की ओर जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीट नहीं है। ऐसे में छठ पूजा के लिए बिहार जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने अब यात्रा के लिए बस से जाने के अलावा ओर कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सात नवंबर से ही सीटों का संकट दिखाई दे रहा है। सात नवंबर को स्लीपर श्रेणी में 97, थर्ड ई में 42, थर्ड एसी में 92, सेकड़ एसी में रिग्रेट और फस्र्ट एसी में आठ वेटिंग है। नौ नवंबर को स्थिति और गंभीर हो चुकी है। इस दिन स्लीपर श्रेणी में 119, थर्ड ई में 44, थर्ड एसी में 98, सेकड़ एसी में 29 और फस्र्ट एसी में 16 वेटिंग बनी हुई है। इसी प्रकार 11 नवंबर को स्लीपर श्रेणी में रिग्रेट, थर्ड ई में रिग्रेट, थर्ड एसी में रिग्रेट, सेकड़ एसी में 32 वेटिंग और फस्र्ट एसी में रिग्रेट वेटिंग है।
बिहार के पटना जाने वाले यात्रियों की भीड़ का दबाव केवल इंदौर-पटना एक्सप्रेस तक सीमित नहीं है। नागदा से पटना जाने वाली अजीमाबाद एक्सप्रेस में 10 नवंबर को स्लीपर श्रेणी में 28, थर्ड ई में रिग्रेट, थर्ड एसी में रिग्रेट, सेकड़ एसी में रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। इसी प्रकार खंडवा से मुजफ्फरपुर जाने वाली अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस में सात, आठ, नौ, 10, 11 नवंबर को सभी श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति बनी है। इसी तरह नागदा-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में भी 10 नवंबर को स्लीपर में 44, थर्ड ई में 8, थर्ड एसी में 19, सेकड़ एसी में रिग्रेट और फस्र्ट एसी रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।
रेलवे एक्सपर्ट के अनुसार त्योहार के दौरान बुकिंग और बढ़ जाती है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेन भी चलाई है। अब एक नियमित ट्रेन सातों दिन और चलाना चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिले। रेलवे में टिकट बुकिंग के दौरान रिग्रेट का मतलब यह है कि जब किसी ट्रेन की संबंधित श्रेणी में उपलब्ध आरक्षण और वेटिंग की निर्धारित सीमा पूरी हो चुकी होती है। सामान्य तौर पर सीटें भर जाती हैं, तो यात्रियों को वेटिंग टिकट मिलता है, लेकिन वेटिंग की सीमा भी पूरी होने के बाद सिस्टम में रिग्रेट दिखाई देने लगता है।
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