
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : ग्राम खजराना के सर्वे नंबर 66/2 (क) पर स्थित कृष्णबाग कालोनी के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट ने श्रीराम बिल्डर के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने जमीन पर कब्जे का दावा करने वाले पांच याचिकाकर्ताओं की याचिकाएं खारिज कर दीं।
साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए कि जमीन पर अतिक्रमण होने की स्थिति में उसे हटाकर आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर राम बिल्डर को कब्जा सौंपा जाए। फैसले के बाद अब प्रशासन को अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी होगी।
दरअसल हाईकोर्ट ने 11 मार्च 2024 के विवादित आदेश को भी निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि श्रीराम बिल्डर को जमीन पर अतिक्रमणकारी नहीं पाया गया था, इसलिए उसके खिलाफ मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 250 के तहत कार्रवाई का आधार नहीं था।
जमीन पर कब्जे का दावा करने वाले पांच याचिकाकर्ता अपने पक्ष में वैध स्वामित्व दस्तावेज, रजिस्ट्री या कब्जे के पर्याप्त प्रमाण पेश नहीं कर सके। अदालत ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक राहत का इस्तेमाल कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए नहीं किया जा सकता।
ग्राम खजराना के सर्वे नंबर 66/2(क) की जमीन पर 78 मकान हैं। 2024 में प्रशासन ने कार्रवाई कर आठ मकान हटाए थे। शेष 70 मकानों पर कार्रवाई बाकी है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन को अतिक्रमण की स्थिति के अनुसार कदम उठाते हुए तय समयसीमा में कब्जा सौंपने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे यहां पर रहने वाले कब्जेदारों को हटाना होगा।
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