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इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण पर रहवासियों का विरोध, बोले- घरों के नहीं सड़क के नीचे से निकालो

Indore Underground Metro Rail: खजराना से पलासिया के बीच 1700 मीटर के हिस्से में मेट्रो भूमिगत होना है। गोयल नगर, तिलक नगर और साईंनाथ कॉलोनी के रहवासी ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 08:45:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 08:50:32 AM (IST)
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण पर रहवासियों का विरोध, बोले- घरों के नहीं सड़क के नीचे से निकालो
अंडरग्राउंड मेट्रो पर अपनी बात रखते रहवासी। दूसरी तस्वीर में प्रदर्शन करते तिलक नगर के रहवासी।

HighLights

  1. महापौर ने कहा- घर या बोरिंग को नुकसान हुआ तो मेट्रो देगी मुआवजा
  2. अफसर बोले- कैबिनेट व जनप्रतिनिधियों की सहमति से तय हुआ मार्ग
  3. विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा- हमें इसकी जानकारी नहीं दी गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। खजराना से पलासिया के बीच भूमिगत मेट्रो के निर्माण को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को रहवासियों ने रैली निकालकर विरोध जताया। खजराना से पलासिया के बीच 1700 मीटर के हिस्से में मेट्रो भूमिगत होना है।

इस हिस्से में आने वाली गोयल नगर, तिलक नगर और साईंनाथ कालोनी के रहवासी योजना के विरोध में मुखर हो गए हैं। रहवासियों की मांग है कि उनके घरों के नीचे से मेट्रो नहीं निकाली जाए। इसके बजाय मेट्रो को सड़क के नीचे से भूमिगत ले जाया जाए।


विधायक के साथ महापौर से मिले

इस मुद्दे को लेकर रहवासी करीब दो माह पहले भी मेट्रो अधिकारियों से मिलकर विरोध जता चुके हैं। मंगलवार दोपहर एक बजे रहवासी विधायक महेंद्र हार्डिया और क्षेत्रीय पार्षद राजेश उदावत के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मिले और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान मेट्रो के जीएम रणवीर सिंह राजपूत और अन्य अधिकारी लता अग्रवाल भी मौजूद थीं।

मेट्रो अधिकारियों ने रहवासियों और जनप्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रहवासी अपनी मांग पर कायम रहे। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत मेट्रो का निर्णय कैबिनेट और जनप्रतिनिधियों की सहमति से लिया गया है। निर्माण के संभावित प्रभावों और नुकसान की स्थिति में मुआवजे की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी।

कम्युनिटी हॉल में बनाई रणनीति

इसके बाद मंगलवार शाम सात बजे महावीर नगर, संविद नगर और तिलक नगर के रहवासियों ने तिलक नगर क्षेत्र में विरोध स्वरूप रैली निकाली। तिलक नगर कम्युनिटी हाल में बैठक कर भी भूमिगत मेट्रो का विरोध किया गया। दोनों बैठकों में मेट्रो अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने रहवासियों को बताया कि भूमिगत मेट्रो से घरों की नींव को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। यदि किसी का बोरिंग प्रभावित होता है तो मुआवजा देने के साथ वैकल्पिक बोरिंग की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पहले एलिवेटेड बनाने का था निर्णय

खजराना से पलासिया के बीच इस हिस्से में पहले मेट्रो को एलिवेटेड बनाने का निर्णय लिया गया था। तब भी जनप्रतिनिधियों और रहवासियों ने इसका विरोध किया था। विरोध के बाद मेट्रो प्रबंधन ने इस हिस्से में मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया। अब भूमिगत मेट्रो के निर्णय का भी विरोध शुरू हो गया है।

यह भी पढ़ें- इंदौर बनेगा पायलट सिटी, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आसपास होगा हाईटेक विकास, बदलेगी शहर की यातायात व्यवस्था

रहवासियों के तर्क : बोरिंग बंद होने से होगी परेशानी

जमीन के नीचे से मेट्रो जाने पर हमारे बोरिंग और पानी की चैनल खत्म हो जाएगी। भूमिगत मेट्रो करने से पहले हमसे नहीं पूछा गया। यह भी बताया जाए कि किन घरों के नीचे से मेट्रो की सुरंग बनाई जाएगी। भूमिगत मेट्रो करने का गजट नोटिफिकेशन हुआ हो तो हमें बताया जाए। जनता और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दिए बिना मेट्रो को भूमिगत किया जा रहा है। - उमेश हिरवे, रहवासी, साईंनाथ कॉलोनी

जनता नहीं चाहती भूमिगत मेट्रो

मेट्रो को भूमिगत किए जाने से पहले अधिकारियों या अन्य लोगों ने मुझे इसकी जानकारी नहीं दी। जनता का विरोध है और मैं जनता के साथ हूं। क्षेत्र की जनता नहीं चाहती कि मेट्रो यहां से भूमिगत हो। - महेंद्र हार्डिया, विधायक

लोगों को बताएं, मेट्रो कहां से निकलेगी

मेट्रो के अफसर कह रहे हैं कि कैबिनेट और जनप्रतिनिधियों की सहमति से मेट्रो को भूमिगत किया जा रहा है। हमसे तो कभी पूछा ही नहीं गया और न जानकारी दी गई। वार्ड के लोगों को मालूम नहीं है कि मेट्रो कहां से निकलेगी। मेट्रो के अफसर यह तो बताएं कि किन लोगों के घरों के नीचे से मेट्रो की सुरंग जाएगी। - राजेश उदावत, क्षेत्रीय पार्षद

देशभर में बन रही भूमिगत मेट्रो

भूमिगत मेट्रो के निर्माण को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं। विधायक और पार्षद के साथ रहवासी मुझसे मिलने आए थे। उनका कहना था कि भूमिगत मेट्रो से उनके घरों की नींव और बोरिंग खराब होंगे। मैंने उन्हें बताया कि देशभर में भूमिगत मेट्रो का निर्माण हो रहा है। मेट्रो निर्माण से ऊपर की इमारतों पर कोई असर नहीं होगा। रहवासियों को मेट्रो की ओर से लिखित में दिया जाएगा कि यदि उनका कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई कर मुआवजा दिया जाएगा। - पुष्यमित्र भार्गव, महापौर