
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रिंग रोड के रोबोट और रेडिसन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवरों के निर्माण से पहले यूटिलिटी शिफ्टिंग होगी। पानी-ड्रेनेज लाइन और पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। बिजली की लाइन सहित सभी बाधाएं हटाने के बाद फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा, ताकि तय समय सीमा में निर्माण पूरा हो सके। वहीं आमजन को निर्माण के दौरान होने वाली असुविधा से बचाया जा सके।
दोनों फ्लाईओवरों की ड्राइंग-डिजाइन तैयार है, लेकिन निर्माण शुरू करने के लिए साइट को बाधामुक्त करना जरूरी है। इसके लिए नगर निगम और बिजली कंपनी के साथ समन्वय कर बाधाएं हटाई जाएंगी। आईडीए द्वारा चंदन नगर और बड़ा गणपति पर बनाए जाने वाले फ्लाईओवर पर भी ड्रेनेज और पानी की लाइनों को स्थानांतरित करवाया जा रहा है।
इसके बाद यहां पर निर्माण शुरू किया जाएगा। अब यही प्रक्रिया रोबोट और रेडिसन चौराहे पर बनाए जाने वाले फ्लाईओवर में अपनाई जाएगी। इससे भूमिगत लाइनें और अन्य बाधाएं निर्माण में रुकावट नहीं बनेंगी।
रोबोट चौराहे पर खजराना की तर्ज पर फ्लाईओवर प्रस्तावित है, इसके लिए 94.18 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति ली जा चुकी है। खजराना फ्लाईओवर से उतरने के बाद रोबोट चौराहे पर वाहनों की कतारें लगती हैं। यहां फ्लाईओवर बनने से यातायात सुगम होगा। रेडिसन चौराहे पर मेट्रो कॉरिडोर की संरचना के कारण समानांतर फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं है। इसलिए आईडीए ने एमआर-10 से विजय नगर चौराहे के बीच फोरलेन फ्लाईओवर की योजना बनाई है। इसके लिए 76.59 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति बोर्ड दे चुका है।