
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। महात्मा गांधी (एमजी) रोड पुलिस ने मंगलवार को पार्षद रुबिना खान से पांच घंटे पूछताछ की। वार्ड-39 से कांग्रेस की पार्षद रुबिना खान पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप है। रुबिना ने दो लफ्जों पर तो खेद जता दिया पर वंदे मातरम गाने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में इसकी मनाही है। वंदे का मतलब इबादत और मातरम का मतलब मां बता कर रुबिना उठ गई। पुलिस सभापति मुन्नालाल यादव की शिकायत पर कांग्रेस पार्षद रुबिना खान (खजराना) और फौजिया शेख (आजादनगर) की जांच कर रही है। सोमवार को फौजिया अलीम शेख से पूछताछ हो चुकी है।
मंगलवार को रुबिना अपने पति इकबाल खान के साथ उपस्थित हुई थी। एसीपी विनोद दीक्षित और टीआइ विजयसिंह सिसोदिया ने पांच घंटे तक पूछताछ की और बयान दर्ज किए। रुबिना से राष्ट्रीय गीत न गाने की वजह पूछी तो उसने इस्लाम का हवाला दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें (मुसलमानों को) स्वतंत्रता दी है। एसीपी ने सामूहिक कमेंट्स के बारे में पूछा तो कहा मैं "किसी के बाप में दम तो हो" बयान पर माफी मांगती हूं जो मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था।
रुबिना ने कांग्रेस पार्टी को लेकर कहे शब्दों पर भी खेद व्यक्त कर दिया। पूछताछ के दौरान रुबिना राष्ट्रीय गीत के सम्मान की बात तो करती रही पर गीत गाने पर सहमत नहीं हुई। एसीपी के अनुसार मामले की रिपोर्ट डीसीपी के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। कानूनी सलाह लेकर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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जांच बैठते ही रुबिना के सुर बदल गए। रुबिना खान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों को लेकर कईं बार बयान जारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे लफ्ज नहीं बोलने थे। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पार्षदों को भाई बताया और कहा कि मुझे उकसाया गया था। वंदे मातरम के सवाल पर मीडिया से कहा कि मैंने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का विरोध नहीं किया है। मैं 15 साल से पार्षद हूं। इस अवधि में कम से कम 80 मीटिंग अटेंड की है। मैं राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करती तो कार्रवाई हो जाती। मैं हमेशा सावधान की स्थिति में खड़ी रही हूं। मैंने हमेशा सम्मान किया है, करती हूं और करती रहूंगी।