
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में समय लग रहा है। महीनों से विद्यार्थियों के आवेदन अटके हुए हैं। इसके चलते कॉलेज अब विद्यार्थियों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं।
समस्या का निराकरण करते हुए अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लंबित आवेदनों का जल्द सत्यापन करने पर जोर दिया है। इस संबंध में पिछले सप्ताह आदेश जारी कर दिया गया है।
विभाग के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति दी जानी है। इसके लिए विद्यार्थियों ने आवेदन कर रखे हैं।
इसके आधार पर छात्रवृत्ति की राशि आवंटित होनी है, लेकिन संस्थान और अधिकारियों की लापरवाही के चलते फॉर्म का सत्यापन नहीं किया गया है। महीनों से आवेदन अटके हुए हैं। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 180 कॉलेजों के तीस हजार छात्र परेशान हो रहे हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन में देरी से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में समय लगेगा। इसके लिए संस्थान जिम्मेदार होगी। इसके चलते उन पर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए संबंधित अधिकारी और संस्थान को सभी शैक्षणिक सत्रों से जुड़े सभी पात्र छात्रों के आवेदन की तुरंत जांच करने पर जोर दिया गया है।
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कई संस्थानों ने आवेदनों के सत्यापन में देरी की मुख्य वजह पोर्टल में तकनीकी दिक्कतें आना बताया है। विभाग के मुताबिक तकनीकी दिक्कतों की सूचना स्क्रीनशॉट सहित तत्काल भेजें, ताकि समस्या का निराकरण कर छात्रवृत्ति आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और पात्र विद्यार्थियों को केन्द्रांश का भुगतान समय पर किया जा सके।
तकनीकी समस्या आने पर स्क्रीनशॉट लेकर विभाग को भेजें। इसके लिए अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के नोडल ईमेल cscd.bhopal@mp.gov.in पर समस्या की जानकारी दें।