
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बीते पांच दिन में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला सामने आया है। इंदौर की 62 वर्षीय महिला की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। महिला की हालत स्थिर है और शहर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। महिला को सर्दी-खांसी व बुखार की समस्यां हुई थी। जांच के बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
गौरतलब है कि चार दिन दिन पर पहले उज्जैन की महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। महिला का इंदौर में उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान स्वजन महिला को इंदौर के अस्पताल से उज्जैन घर ले गए। वहां पर महिला की मौत हो गई थी। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अलर्ट हो गए है। जल्द ही शहर के सभी अस्पतालों की स्वाइन फ्लू के संबंध में बैठक आयोजित की गई है।
पिछले दो सप्ताह में शहर में वायरल संक्रमण तेजी से बढ़ा है। इस वजह से वायरल फीवर के मरीजों संख्या में इजाफा है। घर में किसी एक व्यक्ति को संक्रमण हो रहा तो दूसरे को भी आसानी से होता है।
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वर्तमान में वायरल फीवर ज्यादा लोगो को हो रहा है। । यदि आपकों फीवर के साथ सर्दी व खांसी और सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो तो ही स्वाइन फ्लू की जांच करवाना चाहिए। स्वाइन फ्लू उपचार संभव है। इससे डरने की जरुरत नहीं है। ऐसे में चिकित्सक के उपचार से आपको मिल सकता है। वर्तमान में साामान्य वायरल फीवर भी मरीजों को हो रहे है। इसमें बुखार, सर्दी-खांसी, बदन दर्द , हाथ में दाने होने की शिकायत भी आ रही है। इस तरह के केस में एंटीबायोटिक की जरुरत नहीं है । चिकित्सक परामर्श लेकर दवाएं ले। यदि किसी मरीज की जांच में प्लेटलेट्स कम हो तो उसकी डेंगू की जांच करवाना चाहिए।- डॉ. योगेश शाह, एमडी मेडिसीन