
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राजवाड़ा में बुधवार देर रात पांच आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गईं। पुलिस और एटीएस ने राजवाड़ा घेर लिया और कुछ ही देर में एनएसजी कमांडो भी पहुंच गए। करीब पांच घंटे चले इस ऑपरेशन में पांचों आतंकियों को पकड़ लिया गया।
इस खबर से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह वास्तविक आतंकी हमला नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए की गई मॉकड्रिल थी। इसकी कमान 'स्पेशल-26' के ग्रुप कमांडर कर्नल अभिषेक सिंह संभाल रहे हैं।
कर्नल के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर मॉकड्रिल की जा रही है। इसी क्रम में ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा पर अभ्यास किया गया था। इसमें सेना, पुलिस, एटीएस, बीएसएफ और सीआईएसएफ सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने हिस्सा लिया।
कर्नल के मुताबिक, मॉकड्रिल के दौरान सूचना दी गई कि राजवाड़ा परिसर में पांच आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद कमांडो ने तय रणनीति के तहत मोर्चा संभाला और लक्ष्य को निशाने पर लिया तथा आतंकियों को पकड़ने की कार्रवाई की।
एडीसीपी जोन-1 सुमित केरकेट्टा के अनुसार शहर के प्रमुख स्थानों पर हो रही इस मॉकड्रिल का उद्देश्य किसी संभावित आतंकी हमले या आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। इसमें अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचना मिलने पर प्रतिक्रिया और संयुक्त अभियान की प्रक्रिया का अभ्यास किया जा रहा है। दोपहर को एनएसजी द्वारा देवी अहिल्याबाई होल्कर विमानतल पर भी मॉकड्रिल की गई थी।
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