
लोकेश सोलंकी, नईदुनिया, इंदौर : इंदौर अब सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन का केंद्र भी बनने जा रहा हैं। कम से कम दस कंपनियां इंदौर में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन की यूनिट खोलने जा रही हैं। इंदौर में इसी महीने होने जा रही मप्र सेमीकंडक्टर समिट में ये कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ एलओआई करेंगी।
इसके अलावा भारत सरकार की सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल) भी मप्र के साथ एमओयू साइन करेगी। इलेक्ट्रानिक और आइटी मंत्रालय के अधीन आने वाला यह प्रीमियर रिसर्च इंस्टिट्यूट जो एमओयू साइन करेगा वह एससीएल के साथ होने वाला अब तक सबसे बड़ा एग्रीमेंट होगा। उज्जैन में सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने वाली कंपनी पारस सेमीकंडक्टर के प्लांट के भूमिपूजन की तारीख की घोषणा भी इसी समिट में होने की उम्मीद हैं।
मप्र सेमीकंडक्टर समिट 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होना हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले इसे आईटी और एआई तकनीक उद्योग के क्षेत्र में सबसे बड़ा आयोजन बनाने की तैयारी हैं। प्रदेश सरकार बीते वर्षों में सेमीकंडक्टर उद्योगों के लिए अलग से सेमीकंडक्टर नीति घोषित कर चुकी हैं।
इस नीति को केंद्र में रख अब इस सेक्टर में निवेश जुटाने और उद्योग स्थापित करने के लिए इस आयोजन की रूपरेखा तय की गई हैं। मुंबई में जुलाई में हुए मप्र के रोड शो के दौरान पारस सेमीकंडक्टर नामक कंपनी प्रदेश सरकार को एलओयू दे चुकी हैं। ये कंपनी उज्जैन में 6000 करोड़ रुपये निवेश कर सेमीकंडक्टर मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। यह प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर मैन्यूफेक्चरिंग इकाई होगी।
सूत्रों के अनुसार जिन कंपनियों ने इंदौर में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन के लिए यूनिट खोलने का मन बना लिया हैं उनमें मावेन सीलिकान, स्वदेश-आइस, किश्किंधा इंटरनेशनल, एसएफए टेक्नोलाजिस के नाम तय हो गए हैं। इसके साथ ही कम से कम छह और कंपनियां भी कतार में हैं।
इनमें से कुछ विदेशी निवेश वाली कंपनियां भी शामिल हैं। सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल) मोहाली पंजाब स्थित भारत सरकार की संस्था हैं। यह माइक्रोइलेक्ट्रानिक्स रिसर्च और सेमीकंडक्टर डिजाइन में मप्र को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए करार करेगी।
सेमीकंडक्टर समिट के दौरान एलओआई देने वाली कंपनियां इसके बाद इंदौर में जमीन पसंद करेंगी। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले इन कंपनियों के लिए जमीन तय हो जाएगी। इसके बाद समिट के दौरान ये निवेश और उत्पादन यूनिट लगाने का ऐलान करेंगी। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन यूनिट के लिए सिर्फ 5 से 10 हजार वर्गफीट जमीन की आवश्यकता होती हैं।
ऐसे में इन सभी कंपनियों को इंदौर की परिधि में ही तुरंत जमीन आवंटन करने की सरकार की योजना है। छोटी जगह पर खुलने वाले ये कारखाने सर्किट, मैमोरी चिप, सेंसर और एआइ चिप व चिपसेट की असेंबलिंग करेंगे। निवेश का आंकड़ा 50 से 100 करोड़ के बीच होगा लेकिन हर यूनिट से सैकड़ों रोजगार सृजित होंगे।