
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शिव वाटिका (एमआर-11) पर हुई घटना ने सनसनी फैला दी है। मामूली विवाद महिला की हत्या का कारण बन गया। पूछताछ में पता चला पिता-पुत्र झगड़े की नियत से ही आए थे। आरोपित कुलदीप ने रहवासियों के फ्लैट की लाइट बंद की और खड़ा हो गया। उसने बेटे मोहनीश को कॉल कर बुलाया और कहा कि "जल्दी आ, इन लोगों को सबक सिखाना है।" एसआई कैलाश मर्सकोले के अनुसार, मूलतः अयोध्या (उप्र) निवासी सौरभ पाठक 13 मार्च को ही फ्लैट में शिफ्ट हुए थे। सौरभ आईटी कंपनी में ग्रुप प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर पदस्थ हैं। जबलपुर निवासी शम्पा लीड कंसलटेंट के पद पर पदस्थ थीं। उनके दो बेटे श्रेष्ठ (11) और श्रेयांश (7) हैं।
फ्लैट-मकान किराये पर देने वाले प्लेटफार्म एयर बीएनबी के माध्यम से युवक-युवतियां पेंट हाउस बुक कर देर रात पार्टी करते थे। कई बार नाइजीरियन युवतियों की आवाजाही होती थी। रहवासी इन गतिविधियों से परेशान हो चुके थे। बुधवार रात कुलदीप पत्नी चित्रा के साथ आया, तो रहवासियों को शक हुआ और लाइट बंद कर दी। गुस्से में कुलदीप ने रहवासियों के फ्लैट की लाइट बंद कर दी। सौरभ के अनुसार, बच्चे और माता-पिता को परेशान देख कर नीचे आया तो कुलदीप खड़ा हुआ था। रहवासी नवीन रघुवंशी, हर्षित माहेश्वरी, राहुल सिंह पंवार भी आ चुके थे। कुलदीप ने महिलाओं के साथ भी अभद्रता की और अपशब्दों का प्रयोग करने लगा।
कुलदीप के साथ हाथापाई भी होने लगी थी। कुछ महिलाओं ने पुलिस को कॉल लगाकर घटना के बारे में बताया। कुलदीप ने कॉल लगाकर मोहनीश को बुला लिया। वह कार (एमपी 09 सीई 7647) लेकर बाहर ही खड़ा हुआ था। मोहनीश ने पहले चौकीदार जितेंद्र की पत्नी रानू को टक्कर मारने की कोशिश की। राहुल के पैर पर भी कार चढ़ाने का प्रयास किया, मगर वह हट गया। इसके बाद गोल घुमाकर लाया और शम्पा को कुचल कर भाग गया।
घटना से रहवासियों में गुस्सा है। उनकी लसूड़िया पुलिस और पार्षद राकेश सोलंकी से भी नाराजगी है। रहवासी सुमित के अनुसार, पेंट हाउस में संचालित अवैध गतिविधियों की पुलिस को शिकायत की थी। क्षेत्रीय पार्षद राकेश सोलंकी और बिल्डर भरत बाहेती को भी बुलाया गया था। उनसे कहा था कि रहवासी क्षेत्र में व्यवसायिक उपयोग से परेशानी बढ़ रही है। पार्षद ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया, लेकिन गतिविधियों पर एक्शन नहीं लिया। उनके कारण विवाद ने बड़ा रूप ले लिया और शम्पा की हत्या हो गई। चोरी की घटना के दौरान तो पुलिस को भी इस संबंध में शिकायत की गई थी।
पुलिस ने मोहनीश और कुलदीप की गिरफ्तारी दर्शा दी है। मोहनीश तो खुद ही थाने पहुंचा था। बताते हैं कुलदीप के साथ मारपीट होने पर मोहनीश थाने जा रहा था। रहवासियों ने दोनों दरवाजे बंद कर दिए थे। उसने शम्पा की ओर कार बढ़ाई और टक्कर मारकर सीधे थाने पहुँच गया। शम्पा की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने मोहनीश को भी गिरफ्तार कर लिया। 'बेटा जल्दी आ सबक सिखाना है...' के आदेश पर शुरू हुई हाथापाई ने अंततः एक महिला की जान ले ली।
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