Shradh Paksha 2022 : "माता-पिता को प्रसन्न रखें तो तीर्थ जाने की जरूरत नहीं"
Shradh Paksha 2022 : इंदौर के बड़ा गणपति के समीप पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ में करवाया जा रहा है सामूहिक तर्पण, इसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी ...और पढ़ें
By Hemraj YadavEdited By: Hemraj Yadav
Publish Date: Wed, 14 Sep 2022 06:25:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Sep 2022 06:25:39 AM (IST)

Shradh Paksha 2022 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर में श्राद्ध पक्ष के इन दिनों कई स्थानों पर सामूहिक रूप से तर्पण करवाया जा रहा है। इसमें पुरुष ही नहीं महिलाएं भी तर्पण कर रही हैं। इसी कड़ी में बड़ा गणपति के समीप पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ में सामूहिक तर्पण कराया जा रहा है। श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित इस तर्पण क्रिया में मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। तर्पण के दौरान यहां प्रवचन भी हो रहे हैं।
तर्पण के दौरान पं. पवन तिवारी ने कहा कि भले ही कभी हम मंदिर नहीं जाएं, कोई तीर्थ यात्रा भी न करें लेकिन यदि माता-पिता को प्रसन्न और संतुष्ट रखा तो फिर किसी मंदिर या तीर्थ स्थान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मृत्यु के बाद तो सभी अपने दिवंगतों के लिए विभिन्न क्रियाएं करते हैं, पर प्रयास तो यही करना चाहिए कि अपनों को हम सदा प्रसन्न रखें, उनकी प्रसन्नता के लिए भरसक प्रयास करें। पितरों, पूर्वजों और बुजुर्गों के आशीष में बहुत ताकत होती है। तर्पण केवल एक दिन नहीं बल्कि वर्षभर करना चाहिए। हंस पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामचरणदास महाराज के सान्निध्य में हो रहे इस आयोजन में पं. तिवारी ने पूर्वजों, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों, देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दे चुके जवानों और गोवंश के मोक्ष की कामना, विश्व शांति और जन मंगल के लिए भी अनुष्ठान करवाया।
तर्पण के माध्यम से उतार सकते हैं अपनों के ऋण को - रामचरणदास महाराज ने कहा कि श्राद्ध पक्ष भारतीय संस्कृति का एक पवित्र पखवाड़ा है। हम अपने माता-पिता, गुरु और सगे-संबंधियों, मित्रों आदि के ऋण को तर्पण के माध्यम से उतार सकते हैं। हमारे कर्म ऐसे होने चाहिए कि हमें पश्चाताप नहीं करना पड़े। आयोजन समिति के मोहनलाल सोनी, हरि अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग, हनुमान प्रसाद सोनी, मुरलीधर धामानी, डा. चेतन सेठिया, जगमोहन वर्मा, शंकरलाल वर्मा, गिरधर सोनी आदि ने पं. तिवारी का स्वागत किया।